इंडिया मोबाइल कांग्रेस: पीएम मोदी ने डिजिटल कनेक्टिविटी और गुड-गवर्नेंस के प्रभाव पर दिया जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण का उद्घाटन करते हुए बताया कि कैसे मोबाइल कनेक्टिविटी भारत में गुड-गवर्नेंस का अहम टूल बन गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) के 10वें संस्करण के उद्घाटन समारोह में देश के टेलीकॉम सेक्टर की प्रगति और डिजिटल कनेक्टिविटी के प्रभाव पर चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने एयरफोर्स डे के मौके पर देश के जांबाजों को नमन किया और अपने प्रधानमंत्री के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
प्रधानमंत्री ने टेलीकॉम सेक्टर की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि 2022 में इसी मंच से 5G की शुरुआत हुई थी और आज देश के हर जिले तक 5G कनेक्टिविटी पहुंच चुकी है। भारत में अब 5.5 लाख से अधिक बेस स्टेशन हैं और मोबाइल इंटरनेट की गति 2022 की तुलना में 10 गुना बढ़ गई है।
गुड-गवर्नेंस और डिजिटल इंडिया पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मोबाइल फोन अब केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि सुशासन का टूल है। उन्होंने बताया कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लगभग 50 लाख करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजे गए, जिससे करीब 5 लाख करोड़ रुपये लीकेज से बचे। साथ ही, पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों के बैंक खातों में जमा की जा चुकी है।
शिक्षा के क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने बताया कि ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफॉर्म 'दीक्षा' पर जुलाई 2022 तक 500 करोड़ से अधिक लर्निंग सेशन और लगभग 6 हजार करोड़ लर्निंग मिनट्स दर्ज हुए। सरकार का लक्ष्य अब डिजिटल माध्यमों से 25 करोड़ छात्रों को जोड़ना है।
प्रधानमंत्री ने साइबर सुरक्षा की चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए डीप-फेक्स और साइबर फ्रॉड से निपटने के लिए एक ग्लोबल फ्रेमवर्क बनाने का आह्वान किया। उन्होंने GSMA और वैश्विक टेलीकॉम ऑपरेटरों से आग्रह किया कि एक ऐसा ग्लोबल मैकेनिज्म बनाया जाए जो फ्रॉड को रोकने में सक्षम हो।
भविष्य के रोडमैप पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब उपभोक्ता से निर्माता बनने की दिशा में अग्रसर है, जहां प्रोडक्ट डिजाइन और टेक्नोलॉजी भारत की होगी। उन्होंने टेलीकॉम एक्ट के माध्यम से आधुनिक रेगुलेटरी फ्रेमवर्क, एजीआर (AGR) और बैंक गारंटी के बोझ को कम करने तथा गतिशक्ति संचार पोर्टल के जरिए राइट ऑफ वे (Right of Way) अप्रूवल को डिजिटल बनाने जैसे सुधारों का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी बताया कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत पांच लोकेशंस पर कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है।

