उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 'ग्लोबल साउथ' देशों के बीच रणनीतिक सहयोग और भ्रष्टाचार मुक्त सिस्टम पर दिया जोर
उपराष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक जुड़ाव कार्यक्रम (IN-STEP) के चौथे संस्करण में विकासशील देशों से सुरक्षा और विकास की चुनौतियों से निपटने के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील की।

उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति भवन में 'इंटरनेशनल स्ट्रैटेजिक एंगेजमेंट प्रोग्राम' (IN-STEP) के चौथे संस्करण के प्रतिनिधियों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने तेजी से बदलती वैश्विक सुरक्षा और विकास संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए निरंतर अंतरराष्ट्रीय बातचीत, आपसी सीख और रणनीतिक सहयोग की अपील की।
उपराष्ट्रपति ने प्रतिभागियों को "वैश्विक स्तर पर सोचें, रणनीतिक रूप से जुड़ें और एकजुट होकर काम करें" का मंत्र दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि वर्तमान समय में तकनीक, साइबरस्पेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और आपूर्ति श्रृंखलाओं जैसी चुनौतियां पारंपरिक सुरक्षा चिंताओं के साथ जुड़ गई हैं, जिससे किसी भी देश के लिए अकेले इनका सामना करना कठिन हो गया है।
श्री राधाकृष्णन ने अंतरराष्ट्रीय संवाद में विकासशील देशों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि 'ग्लोबल साउथ' के देशों के साथ भारत का जुड़ाव आपसी सम्मान, साझा हितों और संप्रभु समानता पर आधारित है। उन्होंने भ्रष्टाचार को विकासशील देशों के लिए एक बड़ी चुनौती बताते हुए इसे खत्म करने के लिए समन्वित वैश्विक प्रयासों का आह्वान किया और सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी व पारदर्शिता के महत्व पर जोर दिया।
भारत की 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति का लाभ पूरी मानवता को मिलना चाहिए। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान 'वैक्सीन मैत्री' पहल का उदाहरण देते हुए कहा कि इनोवेशन और जानकारी को सामूहिक कल्याण के लिए साझा किया जाना चाहिए।
IN-STEP एक दो हफ़्ते का कार्यक्रम है, जिसे विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय द्वारा नेशनल डिफेंस कॉलेज के सहयोग से आयोजित किया गया है। इस चौथे संस्करण में कुल 38 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं, जिनमें 22 विकासशील देशों के 25 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल हैं। इनमें श्रीलंका, सेशेल्स, मंगोलिया, नेपाल, मॉरिशस, मालदीव, ओमान, गुयाना, चिली, अर्जेंटीना, फिलीपींस, थाईलैंड, आर्मेनिया, किर्गिस्तान, कतर, म्यांमार, उज़्बेकिस्तान और ब्राज़ील जैसे देश शामिल हैं।
