उर्वरक विभाग द्वारा 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान 2026 का आयोजन, 'कबाड़ से कला' के जरिए नवाचार पर जोर
उर्वरक विभाग 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान चला रहा है, जिसके तहत कर्मचारियों को कचरे से कलाकृतियां बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उर्वरक विभाग द्वारा 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलाए जा रहे 'स्वच्छता ही सेवा' (एसएचएस) अभियान – 2026 को गति देने के लिए एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उर्वरक विभाग के वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार श्री कुंतल सेन शर्मा ने की। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, उर्वरक उद्योग समन्वय समिति (एफआईसीसी) के प्रतिनिधियों, उर्वरक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू), सहकारी समितियों और संयुक्त उद्यम व निजी उर्वरक कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन, प्लांट प्रमुखों और नामित स्वच्छता नोडल अधिकारियों ने भाग लिया।
इस समीक्षा बैठक का प्राथमिक उद्देश्य अभियान के शुरुआती चरण के प्रभावों का आकलन करना और अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम जनता को स्वच्छता अभियान से जोड़ना था। वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार ने अभियान की 11 निर्धारित गतिविधियों को 5 मुख्य स्तंभों के आधार पर पूरी तरह लागू करने पर जोर दिया।
अभियान के पांच प्रमुख स्तंभ इस प्रकार हैं: 1. स्वच्छता ही सेवा: कार्यालय परिसरों, कार्यस्थलों, आवासीय कॉलोनियों और सार्वजनिक महत्व के स्थलों की गहन सफाई और सौंदर्यीकरण करना। 2. कबाड़ से कला: सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक और कार्यालयी कचरे को उपयोगी व कलात्मक वस्तुओं में बदलना। विभाग ने सभी संबद्ध कंपनियों को अपनी रचनात्मक प्रविष्टियां 28 सितंबर तक जमा करने का निर्देश दिया है। 3. खेल और खेल भावना: टीम भावना, अनुशासन और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए फिटनेस प्रतियोगिताओं का आयोजन करना। 4. संवाद: जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति की रक्षा जैसे विषयों पर सेमिनार और जन-जागरूकता सत्रों का आयोजन प्रस्तावित है। 5. ज्ञान यात्रा: पर्यावरण सुरक्षा का संदेश लोगों तक पहुंचाने के लिए रैलियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें युवाओं और स्थानीय लोगों को शामिल किया जा रहा है।
बैठक में 1 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले राष्ट्रव्यापी महा-श्रमदान के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए। 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' पहल के तहत सभी उर्वरक उपक्रमों, संयंत्रों और क्षेत्रीय कार्यालयों के कार्मिक मिलकर स्वच्छता श्रमदान करेंगे।
इसके अलावा, वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा 'सफाई ऑडिट' किया जा रहा है और 'एक सुझाव स्वच्छता की ओर' पहल के माध्यम से कार्मिकों से सुझाव मांगे जा रहे हैं। अभियान की पारदर्शिता के लिए सभी इकाइयों को प्रतिदिन की गतिविधियों के फोटो, वीडियो और आंकड़े 'एसएचएस-2026 पोर्टल' पर अपलोड करने और आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। यह डेटा राष्ट्रीय स्तर की समीक्षा और रिपोर्टिंग का आधार बनेगा।


