केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की मंत्रालय की पहली समग्र मासिक समीक्षा बैठक, 'खेत बचाओ अभियान' का होगा शुभारंभ
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि भवन में मंत्रालय की पहली मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें डिजिटल फार्मर आईडी और दलहन-तिलहन उत्पादन में मिली उपलब्धियों पर चर्चा की गई।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में नई दिल्ली के कृषि भवन में मंत्रालय की पहली समग्र मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस दृष्टिकोण को साकार करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ फाइलों के बजाय किसानों के जीवन में प्रत्यक्ष रूप से दिखे। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मंत्रालय के सभी विभागों, प्रभागों और राष्ट्रीय मिशनों के कामकाज की अब हर महीने नियमित समीक्षा की जाएगी और अधिकारियों के लिए मासिक वित्तीय व भौतिक लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इसी माह 22 तारीख से देशव्यापी 'खेत बचाओ अभियान' शुरू किया जा रहा है। यह अभियान मिट्टी की घटती सेहत, पराली प्रबंधन और रासायनिक खादों के असंतुलित उपयोग जैसी समस्याओं से निपटने के लिए चलाया जाएगा। इसके तहत कृषि वैज्ञानिक और मैदानी कर्मचारी सीधे खेतों में जाकर किसानों को मिट्टी की जांच और जैविक तत्वों के संरक्षण के प्रति जागरूक करेंगे।
डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन की प्रगति पर चर्चा करते हुए बताया गया कि 14 करोड़ किसानों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 10.77 करोड़ से अधिक विशिष्ट 'फार्मर आईडी' बनाई जा चुकी हैं। डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत चालू खरीफ सीजन में 26.73 करोड़ से अधिक खेतों का सर्वे पूरा हो चुका है और राष्ट्रीय मृदा मानचित्रण कार्यक्रम के तहत 8.03 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र का डिजिटल नक्शा तैयार किया गया है।
दलहन और तिलहन के क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमों की समीक्षा की गई। वर्ष 2025-26 में दलहन उत्पादन 266 लाख टन के लक्ष्य के मुकाबले 274.09 लाख टन रहा और तिलहन उत्पादन 427 लाख टन के लक्ष्य के विरुद्ध 430.59 लाख टन दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत अब तक 27.32 लाख किसान और 12.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र जुड़ा है, जिसके लिए 33,257 से अधिक 'कृषि सखियां' तैनात की गई हैं।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई, जिससे नामांकन बढ़कर 2.83 करोड़ हो गया है। केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया पारदर्शी रहे और कोई भी दावा लंबित न रहे। इसके अलावा, कृषि अवसंरचना कोष (AIF) के तहत 1,01,502 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण स्वीकृत किए गए हैं, जिससे गांवों में आधुनिक वेयरहाउस और कोल्ड स्टोरेज तैयार हो रहे हैं।
श्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि अनुसंधान को लैब से लैंड तक पहुँचाने के लिए KVK, 'आत्मा' और कृषि विश्वविद्यालयों को 'एक टीम' के रूप में काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने उन राज्यों और जिलों के प्रति कड़ी चेतावनी दी जो रैंकिंग में पिछड़ रहे हैं और कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे स्वयं मुख्यमंत्रियों से बात कर बाधाओं को दूर करेंगे।



