केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रांची स्थित ICAR-IIAB की नई सुविधाओं का किया उद्घाटन, 'लैब टू लैंड' पर दिया जोर
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने रांची में ICAR-IIAB की नई सुविधाओं का उद्घाटन किया और किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रांची स्थित आईसीएआर-भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (ICAR-IIAB) की विभिन्न नई सुविधाओं का उद्घाटन किया। इन सुविधाओं में एडमिन-कम-स्कूल भवन, बिरसा मुंडा बहुउद्देशीय सभागार, जयपाल सिंह मुंडा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और NEXTGEN Breeding Facility शामिल हैं। इसके साथ ही, 119 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले एक नए गेस्ट हाउस की आधारशिला भी रखी गई।
इस अवसर पर आयोजित प्री-रबी किसान गोष्ठी-सह-कृषि इनपुट वितरण कार्यक्रम में रांची, खूंटी, गुमला और रामगढ़ जिलों के लगभग 1,500 किसानों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम अनुसूचित जाति उप-योजना (SCSP) और जनजातीय उप-योजना (TSP) के अंतर्गत आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य किसानों, वैज्ञानिकों और नीति-निर्माताओं के बीच सीधा संवाद स्थापित करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वर्तमान कृषि चुनौतियों से निपटने के लिए पारंपरिक ज्ञान के साथ वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी आधारित कृषि को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने झारखंड की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप फसलों के चयन, उन्नत बीजों की उपलब्धता और अनुसंधान संस्थानों द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों को खेतों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने नकली बीज और मिलावटी उर्वरकों पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता बताई और आगामी दिनों में देशव्यापी "खेत बचाओ अभियान" शुरू करने का आह्वान किया।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने मृदा परीक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने संस्थान की विभिन्न सुविधाओं, जिसमें डेयरी फार्म और एकीकृत कृषि प्रणाली (IFS) इकाई शामिल है, का अवलोकन किया। डेयरी फार्म में उन्हें पशुधन के आनुवंशिक सुधार के लिए भ्रूण प्रत्यारोपण (Embryo Transfer) तकनीक की जानकारी दी गई।
DARE के सचिव और ICAR के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने पूर्वी भारत में कृषि क्रांति की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए राइस-फैलो इंटेंसिफिकेशन को व्यापक स्तर पर अपनाने और अम्लीय मिट्टी जैसी चुनौतियों के समाधान के लिए अनुसंधान को बढ़ावा देने का आह्वान किया। वहीं, ICAR के उप महानिदेशक (फसल विज्ञान) डॉ. डी. के. यादव ने कृषि अनुसंधान को किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने पर बल दिया।
गोष्ठी के दौरान किसानों को नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, मिनरल मिक्सचर, उन्नत बीज किट और मिल्क कैन कूलर जैसे कृषि एवं पशुधन इनपुट वितरित किए गए। इस मौके पर संस्थान के विकास में योगदान देने वाले डॉ. आर. रमानी, डॉ. के. के. शर्मा, डॉ. तिलक राज शर्मा और डॉ. अरुणव पटनायक को सम्मानित किया गया।