डाक विभाग चलाएगा 'विशेष अभियान 6', ई-कचरे के वैज्ञानिक निपटान और लंबित मामलों को कम करने पर रहेगा जोर
संचार मंत्रालय का डाक विभाग देशव्यापी नेटवर्क में स्वच्छता को संस्थागत बनाने और ई-कचरे के प्रभावी प्रबंधन के लिए विशेष अभियान 6 शुरू करने जा रहा है।

संचार मंत्रालय के अंतर्गत डाक विभाग अपने देशव्यापी डाक नेटवर्क के सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत बनाने और लंबित मामलों की संख्या कम करने के उद्देश्य से 'विशेष अभियान 6' चलाने जा रहा है।
इस अभियान को दो चरणों में विभाजित किया गया है। पहला तैयारी चरण 15 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा, जिसके बाद 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक कार्यान्वयन चरण आयोजित किया जाएगा। तैयारी चरण के दौरान लंबित मामलों की पहचान, पुराने रिकॉर्ड और फाइलों को हटाने, कबाड़ सामग्री के आकलन, ई-कचरे की सूची तैयार करने और विशिष्ट लक्ष्य निर्धारित करने जैसे कार्यों पर ध्यान दिया जाएगा।
विशेष अभियान 6 का एक प्रमुख केंद्र बिंदु ई-कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन होगा, जिसका उद्देश्य प्रभावी संग्रह, अलगाव और निपटान करना है। डाक सर्कल पुराने इलेक्ट्रॉनिक और आईटी उपकरणों का आकलन करेंगे। इन उपकरणों का निपटान ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 और उसके संशोधनों के अनुसार अधिकृत निर्माता, रिसाइक्लिर या नवीनीकरणकर्ता तंत्र के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए संग्रह और निपटान के विस्तृत रिकॉर्ड रखे जाएंगे। साथ ही, डाकघर मरम्मत योग्य और गैर-मरम्मत योग्य वस्तुओं की पहचान करेंगे और कर्मचारियों के बीच सुरक्षित ई-कचरा निपटान के प्रति जागरूकता बढ़ाएंगे।
यह अभियान विशेष अभियान 5.0 की सफलताओं और सर्वोत्तम प्रथाओं पर आधारित है, ताकि सरकारी कार्यालयों में नागरिकों के अनुभव को बेहतर बनाया जा सके। विशेष अभियान 5.0 के दौरान डाक विभाग ने 6,000 डाक चौपालों का आयोजन किया, 1,30,000 स्थलों की सफाई की, 5,600 से अधिक पेड़ लगाए और 1 लाख जन शिकायतों के साथ 1,000 सीपीग्राम्स (CPGRAMS) अपीलों का निपटान किया था।
डाक विभाग ने प्रतिबद्धता जताई है कि वह अपने नेटवर्क में रिकॉर्ड प्रबंधन को मजबूत करने और वैज्ञानिक ई-कचरे प्रबंधन को बढ़ावा देकर एक स्वच्छ और टिकाऊ डाक नेटवर्क विकसित करेगा।


