नशामुक्ति केंद्र की मदद से नर्सिंग प्रोफेशनल ने पाया नया जीवन, फिर से शुरू किया अपना करियर
मणिपुर की एक नर्सिंग प्रोफेशनल ने राष्ट्रीय नशा मुक्ति कार्य योजना के तहत स्नेहा भवन केंद्र से उपचार पाकर नशे की लत को मात दी और पुनः नर्सिंग लेक्चरर के रूप में काम शुरू किया।

समय पर चिकित्सा उपचार, उचित परामर्श और परिवार के सहयोग से नशीले पदार्थों की लत से उबरकर एक स्वस्थ और कामकाजी जीवन में लौटना संभव है। मणिपुर के इम्फाल पश्चिम की रहने वाली 37 वर्षीय नर्सिंग प्रोफेशनल लीना (बदला हुआ नाम) की कहानी इसी बदलाव का प्रमाण है। लीना ने राष्ट्रीय नशा मुक्ति कार्य योजना के तहत समर्थित नशामुक्ति केंद्र 'स्नेहा भवन' से उपचार और पुनर्वास सहायता प्राप्त कर नशे की लत से पूरी तरह छुटकारा पाया है।
लीना, जिनके पास नर्सिंग में एमएससी की डिग्री है, पति से अलग होने के बाद गहरे भावनात्मक संकट, अकेलेपन और निराशा का सामना कर रही थीं। इस तनाव से निपटने के लिए उन्होंने धीरे-धीरे नशे का सहारा लिया, जिससे उनका मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक संबंध, आत्मविश्वास और पेशेवर करियर बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस लत के कारण उन्हें दो बार अस्पताल में भर्ती भी होना पड़ा, लेकिन उन्होंने जीवन को फिर से संवारने की इच्छा नहीं छोड़ी।
9 मई 2024 को लीना इम्फाल पश्चिम स्थित स्नेहा भवन पहुंचीं, जहां उन्हें चिकित्सा देखभाल, स्वास्थ्य निगरानी, व्यक्तिगत और समूह चिकित्सा, मनोसामाजिक सहायता और जीवन कौशल शिक्षा प्रदान की गई। इसके साथ ही उन्हें व्यसन से बचाव के परामर्श और आत्मविश्वास बढ़ाने वाली गतिविधियों से जोड़ा गया। पारिवारिक परामर्श और व्यावसायिक मार्गदर्शन ने उन्हें भावनात्मक आघात और अकेलेपन से निपटने में मदद की।
पुनर्वास केंद्र के व्यवस्थित माहौल में लीना ने अनुशासन और भावनात्मक स्थिरता हासिल की। उपचार के बाद, वह अब नर्सिंग लेक्चरर के अपने पेशे में वापस लौट आई हैं। नियमित आय और आर्थिक स्वतंत्रता मिलने से उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
अपने अनुभव साझा करते हुए लीना ने कहा कि नशा मुक्ति कार्य योजना ने उन्हें नशे की लत से उबरने, आत्मविश्वास पुनः प्राप्त करने और गरिमा के साथ अपने पेशेवर जीवन को फिर से शुरू करने में मदद की। स्नेहा भवन में एनएपीडीडीआर (NAPDDR) द्वारा समर्थित सेवाओं ने उन्हें अपने रिश्तों को संवारने और अपनी शिक्षा व कौशल के साथ आगे बढ़ने में सक्षम बनाया है।



