नागरिक उड्डयन मंत्री ने उड़ान योजना के अगले चरण और एयरोड्रोम विकास के लिए 'चैलेंज मोड' पोर्टल का किया शुभारंभ
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के अगले चरण की शुरुआत करते हुए देशभर में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को विस्तार देने के लिए 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित द अशोक में आयोजित इस समारोह का उद्घाटन नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने किया। इस अवसर पर नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री श्री मुरलीधर मोहोल, मंत्रालय के सचिव श्री समीर कुमार सिन्हा और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के अध्यक्ष श्री विपिन कुमार भी उपस्थित थे।
नागरिक उड्डयन मंत्री श्री राम मोहन नायडू ने एयरोड्रोम विकास के लिए 'चैलेंज मोड' पोर्टल का शुभारंभ किया और मार्ग बोली प्रक्रिया से संबंधित योजना दस्तावेज जारी किया। इस पोर्टल के माध्यम से राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन विकास के लिए हवाई पट्टियों और हेलीपैडों को नामित कर सकेंगे। इससे स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर विमानन अवसंरचना के निर्माण और उन्नयन में सुविधा होगी। साथ ही, मार्ग बोली प्रक्रिया के जरिए विमानन कंपनियों को चिन्हित मार्गों के लिए आमंत्रित किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित होगी।
मंत्री श्री नायडू ने बताया कि संशोधित उड़ान योजना चार मुख्य स्तंभों पर आधारित है: यात्रियों के लिए वहनीयता, परिचालन की सततता, परियोजनाओं के लिए पारदर्शी चैलेंज मोड ढांचा और स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देना। उन्होंने कहा कि इस योजना का लक्ष्य 'मेड इन इंडिया' नागरिक विमानों के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है। उन्होंने उड़ान के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि अब तक 687 मार्गों और 95 एयरोड्रोम को परिचालन में लाया गया है, जिससे लगभग 1.71 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की है। उन्होंने यह भी साझा किया कि विमानन क्षेत्र में रोजगार 2014 के 30 लाख से बढ़कर अब करीब 77 लाख हो गया है, जिसके 2040 तक 2.5 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है।
नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री श्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि संशोधित उड़ान योजना के तहत अगले दस वर्षों में 120 नए गंतव्यों और 4 करोड़ अतिरिक्त यात्रियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
यह नया चरण 4 जुलाई 2026 को जोधपुर में प्रधानमंत्री द्वारा किए गए उद्घाटन और 16 जुलाई 2026 को आयोजित उड़ान कार्यशाला के सुझावों पर आधारित है। इस पहल के तहत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), नागरिक उड्डयन मंत्रालय और संबंधित राज्यों के बीच एक संरचित ढांचा तैयार किया गया है, ताकि हवाई संपर्क विहीन और कम सेवा वाले क्षेत्रों में विमानन परिसंपत्तियों का विकास और परिचालन सुनिश्चित किया जा सके।


