प्रधानमंत्री को मिले उपहारों की ई-नीलामी की समय सीमा 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ी
पीएम स्मृति चिन्ह नीलामी के 8वें संस्करण में दिल्ली से संबंधित 30 अनूठी वस्तुएं शामिल हैं, जिसकी नीलामी से प्राप्त राशि 'नमामि गंगा' परियोजना में जाएगी।

प्रधानमंत्री को भेंट किए गए उपहारों और कलाकृतियों की ई-नीलामी के आठवें संस्करण की समय सीमा बढ़ा दी गई है। अब आम जनता 31 अक्टूबर 2026 तक इन स्मृति चिन्हों के लिए बोली लगा सकती है। संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित इस नीलामी के वर्तमान संस्करण में दिल्ली के विविध पहलुओं को दर्शाने वाली 30 यादगार वस्तुएं शामिल की गई हैं।
इस संग्रह में कलाकृतियों, धार्मिक वस्तुओं, हस्तशिल्प और संस्थागत यादगार वस्तुओं की एक विस्तृत श्रृंखला है। कुल 30 स्मृति चिन्हों में नौ फोटो फ्रेम, नौ स्मृति चिन्ह और छह मूर्तियाँ, शिल्प तथा प्रतिमाएँ शामिल हैं। इसके अलावा, संग्रह में दिल्ली मेट्रो के दो मॉडल, एक खेल स्मृति चिन्ह और एक पेंटिंग भी मौजूद है।
धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के अंतर्गत इस संग्रह में रामायण से जुड़े चार दृश्य शामिल हैं, जिनमें राम दरबार की मूर्ति, केवट के साथ नदी पार करते राम, सीता और लक्ष्मण की पीतल की पट्टिका, पालम गांव के संत दादा देव का चित्र और राम लल्ला की लकड़ी की नक्काशीदार प्रतिमा शामिल है। साथ ही, बौद्ध धर्म के आठ शुभ प्रतीकों (अष्टमंगल) का चित्रण भी इस संग्रह का हिस्सा है।
दिल्ली की संस्थागत विरासत को दर्शाने के लिए सेंट स्टीफंस कॉलेज की फ्रेमयुक्त कलाकृति, पुराने सचिवालय भवन का क्रिस्टल स्मृति चिन्ह और नए संसद भवन को दर्शाने वाली वस्त्र कलाकृति को शामिल किया गया है।
सार्वजनिक उपलब्धियों और सेवा के प्रतीक के रूप में रोहिणी के एक छात्र द्वारा बनाया गया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पेंसिल स्केच, पैरालंपिक रजत पदक विजेता योगेश कथूनिया का डिस्कस, और एनसीसी का स्वर्ण-पॉलिश किया हुआ परम वीर माटी कलश प्रदर्शित किए गए हैं। साथ ही, बोधि पत्ती पर उकेरा गया एक चित्र भी इस नीलामी का हिस्सा है।
संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, इस ई-नीलामी के माध्यम से प्राप्त होने वाली पूरी धनराशि नमामि गंगा परियोजना को प्रदान की जाएगी। नीलामी की तिथियों और भागीदारी से जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक पीएम मोमेंटोस ई-नीलामी पोर्टल पर उपलब्ध है।



