प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वराज्य के लिए समर्पित योद्धाओं के सम्मान में साझा किया संस्कृत सुभाषितम्
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् के माध्यम से उन वीर साधकों के नि:स्वार्थ भाव और समर्पण को याद किया जिन्होंने स्वराज्य के लिए अपने निजी सुखों का त्याग किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया है। इस सुभाषितम् के माध्यम से उन्होंने उन लोगों के नि:स्वार्थ भाव और समर्पण को रेखांकित किया है, जिन्होंने निजी सुखों का त्याग कर अपना जीवन स्वराज्य की साधना में समर्पित कर दिया।
प्रधानमंत्री ने साझा किए गए श्लोक में लिखा: "भस्मीकृतस्वार्थसौख्यपरिचर्चितविग्रहाः। स्वराज्ययोगनिर्मग्ना धन्यास्ते वीरयोगिनः॥"
प्रधानमंत्री ने इस सुभाषितम् का भाव स्पष्ट करते हुए कहा कि जिन्होंने अपनी निजी सुख-सुविधाओं का त्याग किया और अपना संपूर्ण जीवन स्वराज्य की साधना के लिए समर्पित कर दिया, वही वीर साधक वास्तव में राष्ट्र के लिए धन्य माने जाते हैं।
