प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित मच्छर से की बातचीत, साहस और सूझबूझ की सराहना की
प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित मच्छर से फोन पर बात कर उनके साहस की प्रशंसा की और यात्रियों की जान बचाने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।

प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित मच्छर से फोन पर बातचीत की और एक संकटपूर्ण स्थिति में उनकी हिम्मत, धैर्य और सूझबूझ की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि कैप्टन स्मित ने त्वरित निर्णय लेकर कई लोगों की जान बचाई, जिससे 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पूरा देश कैप्टन स्मित के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए प्रार्थना कर रहा है।
बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह फ्लाई दुबई (FZ) में 17 वर्षों से विमान उड़ा रहे हैं और पिछले 11 वर्षों से कैप्टन हैं। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के समय वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और नीचे गिर चुके थे, लेकिन उन्हें एहसास हुआ कि विमान नीचे जा रहा है। उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए अंतिम प्रयास किया और दरवाजा खोल दिया, जिससे अन्य यात्रियों की जान बच सकी। कैप्टन स्मित ने बताया कि दर्द के समय वे हनुमान चालीसा का पाठ करते थे और उनका विश्वास है कि ईश्वर ने उन्हें बचाया है।
प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित के परिवार, विशेषकर उनकी माता गीता बहन और पत्नी सोनल बहन की हिम्मत की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सोनल बहन ने विपरीत परिस्थितियों में भी बहुत धैर्य और स्वस्थता के साथ बात की। प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित के संस्कारों और उनकी संस्कृति के प्रति जुड़ाव की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने गांधी जयंती के अवसर पर अहिंसा के भाव को जीकर दिखाया है।
प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित की देखभाल के लिए सऊदी सरकार और यूएई सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कैप्टन स्मित को आश्वासन दिया कि वह उनके लिए हमेशा उपलब्ध हैं। कैप्टन स्मित ने अपनी रिकवरी को एक यात्रा (जर्नी) की तरह देखते हुए विश्वास जताया कि वह जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे।


