बिम्सटेक ऊर्जा केंद्र ने बेंगलुरु में विद्युत क्षेत्र की उभरती प्रौद्योगिकियों पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया
बिम्सटेक के सात सदस्य देशों के लिए आयोजित इस पांच दिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य विद्युत क्षेत्र में नई प्रौद्योगिकियों और तकनीकी ज्ञान को साझा करना था।

विद्युत मंत्रालय के तत्वावधान में बिम्सटेक ऊर्जा केंद्र (बीईसी) ने 14 से 18 सितंबर, 2026 तक बेंगलुरु में एक पांच दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया। हाइब्रिड मोड में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय "विद्युत क्षेत्र (उत्पादन, पारेषण, वितरण और अंतिम उपयोग) में नई और उभरती प्रौद्योगिकियां" था।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन 14 सितंबर, 2026 को बीईसी के कार्यकारी निदेशक और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के अध्यक्ष श्री घनश्याम प्रसाद तथा विद्युत मंत्रालय के संयुक्त सचिव (संचरण) श्री पंकज कुमार ने किया। उद्घाटन सत्र के दौरान केंद्रीय विद्युत अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) की महानिदेशक श्रीमती जे श्रीदेवी, सदस्य सचिव श्री असित सिंह (एसआरपीसी), पावरग्रिड एसआरटीएस-II के कार्यकारी निदेशक श्री एमएस हेजिब और दक्षिणी क्षेत्रीय लोड डिस्पैच सेंटर (एसआरएलडीसी) के कार्यकारी निदेशक श्री टी श्रीनिवास उपस्थित थे। कार्यक्रम में भारत, भूटान, श्रीलंका और थाईलैंड के प्रतिभागियों ने व्यक्तिगत रूप से शिरकत की, जबकि बांग्लादेश, म्यांमार और ढाका स्थित बिम्सटेक सचिवालय ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में नवीकरणीय ऊर्जा, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस), हरित हाइड्रोजन, कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज (सीसीयूएस), दीर्घकालिक ऊर्जा भंडारण, लघु मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर), स्मार्ट ग्रिड और विद्युत प्रणालियों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी प्रमुख उभरती प्रौद्योगिकियों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही एफएसीटीएस, एचटीएलएस कंडक्टर, डायनेमिक लाइन रेटिंग, ग्रिड-फॉर्मिंग कन्वर्टर्स और इंडिया एनर्जी स्टैक जैसी उन्नत पारेषण प्रौद्योगिकियों को भी शामिल किया गया।
प्रतिभागियों के लिए कक्षा सत्रों के अलावा विभिन्न तकनीकी और औद्योगिक दौरों का आयोजन किया गया। इसमें 2500 मेगावाट एचवीडीसी कोलार पावरग्रिड स्टेशन, ओहमियम इंटरनेशनल ग्रीन हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइजर गीगाफैक्ट्री, पावरग्रिड का आरटीएएमसी, एसआरएलडीसी/आरईएमसी नियंत्रण कक्ष, सीपीआरआई प्रयोगशाला सुविधाएं और हॉट लाइन प्रशिक्षण केंद्र (एचएलटीसी), एनपीटी शामिल थे।
कार्यक्रम का समापन 18 सितंबर, 2026 को सीईए के मुख्य अभियंता श्री भगवान सहाय बैरवा की उपस्थिति में हुआ, जहां प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
बिम्सटेक ऊर्जा केंद्र (बीईसी) ने 1 अप्रैल, 2025 को बेंगलुरु में अपना परिचालन शुरू किया था। यह केंद्र बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के बीच सतत विकास, ऊर्जा सुरक्षा और ऊर्जा एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्टता केंद्र के रूप में कार्य करता है।



