ब्लैक होल से निकलने वाले शक्तिशाली जेट आकाशगंगाओं के भविष्य को निर्धारित करते हैं: शोध
भारतीय और अमेरिकी वैज्ञानिकों ने खोजा है कि कैसे आकाशगंगा के केंद्र में स्थित ब्लैक होल के जेट गैस के भंडार को प्रभावित कर तारों के निर्माण को रोकते हैं।

खगोलशास्त्रियों ने एक ऐसी प्रक्रिया की खोज की है जिसके माध्यम से आकाशगंगाओं के केंद्र में स्थित ब्लैक होल अपनी मेजबान आकाशगंगाओं के चारों ओर मौजूद गैस के विशाल और विरल भंडार को प्रभावित कर सकते हैं। यह प्रक्रिया अंततः आकाशगंगाओं के भविष्य को आकार देने की क्षमता रखती है।
आकाशगंगा की डिस्क के किनारे से आगे एक विरल आवरण फैला होता है, जो आकाशगंगा के आकार से 10-20 गुना अधिक दूर तक विस्तृत होता है। गैस के इस भंडार को 'सर्कमगैलेक्टिक मीडियम' (CGM) कहा जाता है, जो तारों के निर्माण के लिए आवश्यक ईंधन उपलब्ध कराता है। यदि यह पूरी गैस एकत्रित होकर तारों में परिवर्तित हो जाती, तो अत्यंत चमकीली आकाशगंगाएं बनतीं, लेकिन वास्तव में ऐसी आकाशगंगाएं अस्तित्व में नहीं हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि केंद्र में स्थित अतिविशाल ब्लैक होल (SMBH) से निकलने वाली ऊर्जा इस गैस को ठंडा होने और संकुचित होने से रोकती है।
रमन अनुसंधान संस्थान (RRI), जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) का एक स्वायत्त संस्थान है, और एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की एक टीम ने इस प्रभाव के तरीके का पता लगाया है। अध्ययन में पाया गया कि ब्लैक होल अक्सर अत्यधिक गर्म प्लाज्मा के जेट बाहर निकालते हैं। जब ये जेट पहली बार CGM का सामना करते हैं, तो वे गैस से टकराकर एक झटका पैदा करते हैं, जिससे गैस ऊर्जावान और आयनित हो जाती है। यह ऊर्जावान गैस आकाशगंगा में नए तारों के निर्माण की प्रक्रिया को बाधित करती है।
'द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स' में प्रकाशित इस शोधपत्र की प्रमुख लेखिका और RRI की सहायक प्रोफेसर नम्रता रॉय के अनुसार, जेट केवल अपने मार्ग में आने वाली गैस को प्रकाशित कर रहे थे, न कि सभी दिशाओं में गैस को समान रूप से प्रभावित कर रहे थे। शोध में पाया गया कि यह संकेत दो स्थानों पर सबसे अधिक मजबूत है—तारकीय डिस्क के किनारे पर और CGM की बाहरी सीमा पर।
एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी की एसोसिएट प्रोफेसर और सह-लेखिका संचयीता बोर्थाकुर ने बताया कि इसका व्यापक निहितार्थ यह है कि ब्लैक होल अपने छोटे केंद्रीय क्षेत्र से कहीं आगे तक आकाशगंगाओं के जीवन को प्रभावित कर सकते हैं। इस प्रकार, ब्लैक होल आकाशगंगा को शांत और निष्क्रिय बनाकर उसके भविष्य को निर्धारित करते हैं।



