भारतीय फार्माकोपिया आयोग ने छठे राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह का किया शुभारंभ, दवाओं के तर्कसंगत उपयोग पर दिया जोर
देशभर में 17 से 23 सितंबर 2026 तक मनाए जा रहे छठे राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह का उद्देश्य दवाओं के सुरक्षित और तर्कसंगत उपयोग को बढ़ावा देना है।

भारतीय फार्माकोपिया आयोग (IPC) ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित एएलआरसी भवन के पद्मश्री नित्यानंद ऑडिटोरियम हॉल में छठे राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह का शुभारंभ किया। यह सप्ताह 17 से 23 सितंबर 2026 तक देशभर में मनाया जाएगा। इस वर्ष के अभियान की थीम “फार्माकोविजिलेंस के माध्यम से दवाओं के तर्कसंगत उपयोग को बढ़ावा देना – सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा की दिशा में एक कदम” रखी गई है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य पेशेवरों, शोधकर्ताओं और आम जनता को प्रतिकूल औषधि प्रतिक्रिया (ADR) की रिपोर्टिंग के महत्व के बारे में जागरूक करना और उन्हें फार्माकोविजिलेंस में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। गौरतलब है कि भारतीय फार्माकोपिया आयोग, भारत के फार्माकोविजिलेंस कार्यक्रम (PvPI) के राष्ट्रीय समन्वय केंद्र (NCC) के रूप में कार्य करता है।
उद्घाटन समारोह में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने ऑनलाइन माध्यम से शिरकत की। उन्होंने सुरक्षा संबंधी रिपोर्टों के सत्यापन, मूल्यांकन और विश्लेषण के लिए पर्याप्त क्षमता विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि इन आंकड़ों का उपयोग नियामकीय और चिकित्सकीय निर्णयों में प्रभावी ढंग से किया जा सके।
भारतीय फार्माकोपिया आयोग के सचिव-सह-वैज्ञानिक निदेशक डॉ. वी. कैलासेल्वन ने जमीनी स्तर पर फार्माकोविजिलेंस नेटवर्क को मजबूत करने की बात कही। उन्होंने आकांक्षी जिलों में कम से कम एक प्रतिकूल औषधि प्रतिक्रिया निगरानी केंद्र और एक चिकित्सा उपकरण निगरानी केंद्र स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की। साथ ही उन्होंने दवाओं के पुनःउपयोग की संभावनाओं और सुरक्षा आंकड़ों के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर दिया।
इस अवसर पर पीवीपीआई (PvPI) न्यूज़लेटर के वर्ष 2026 के खंड 16, अंक 2 का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के तकनीकी सत्रों में प्रोफेसर संगीता शर्मा ने “फार्माकोविजिलेंस और दवाओं का तर्कसंगत उपयोग: औषधि सुरक्षा के दो स्तंभ” और डॉ. अब्दुल नासिर ने “दवाओं से आगे: रोगी सुरक्षा को मजबूत करने में एमवीपीआई की भूमिका” विषय पर व्याख्यान दिए।
समारोह में पीवीपीआई के प्रभारी अधिकारी डॉ. जय प्रकाश, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के उप सचिव श्री आदित्य कुमार ममगाईं सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। इसके अलावा, महाराष्ट्र एफडीए के आयुक्त श्री तुकाराम मुंढे और विश्व स्वास्थ्य संगठन की फार्माकोविजिलेंस टीम की प्रमुख डॉ. शांति पाल ने वीडियो संदेशों के माध्यम से अपने विचार साझा किए।



