महाराष्ट्र में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के लिए ₹10,520 करोड़ मंजूर, 28 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों को मिलेगी कनेक्टिविटी
दूरसंचार विभाग और महाराष्ट्र सरकार के बीच हुए समझौते के तहत राज्य की 28,237 ग्राम पंचायतों और 15,799 गांवों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का विस्तार किया जाएगा।

ग्रामीण महाराष्ट्र में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) के तहत डिजिटल भारत निधि (DBN) ने एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। नई दिल्ली के संचार भवन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान राज्य-संचालित मॉडल के तहत संशोधित भारतनेट प्रोग्राम (ABP) को लागू करने के लिए सहमति बनी है।
यह समझौता डिजिटल भारत निधि (DBN), दूरसंचार विभाग (DoT), महाराष्ट्र सरकार, महानेट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MDIL), भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और महाराष्ट्र इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MahaIT) के बीच किया गया है। इस अवसर पर DBN के प्रशासक श्री श्यामल मिश्रा, महाराष्ट्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और एआई विभाग के सचिव श्री वीरेंद्र सिंह, महाआईटी की एमडी श्रीमती भुवनेश्वरी एस., बीएसएनएल के निदेशक (एंटरप्राइज बिजनेस) श्री पापा सुधाकर राव और दूरसंचार विभाग के डीडीजी श्री दिनेश कुमार गर्ग सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 अगस्त 2023 को संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को मंजूरी दी थी, जिसका उद्देश्य मौजूदा नेटवर्क को अपग्रेड और विस्तारित करना है ताकि ग्राम पंचायतों और गांवों को मांग के आधार पर भविष्य के लिए तैयार ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान की जा सके।
महाराष्ट्र में इस परियोजना का कार्यान्वयन महानेट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MDIL) के माध्यम से किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत कुल 28,237 ग्राम पंचायतों को शामिल किया जाएगा। इसमें पहले चरण की 15,171 ग्राम पंचायतों को लीनियर टोपोलॉजी से रिंग टोपोलॉजी में अपग्रेड करना, दूसरे चरण की 12,740 ग्राम पंचायतों को कवर करना और 326 नई ग्राम पंचायतों को जोड़ना शामिल है। इसके अतिरिक्त, 15,799 गांवों को उनकी जरूरत के अनुसार कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी।
भारत सरकार ने इस कार्यक्रम के लिए ₹10,520 करोड़ की वित्तीय सहायता मंजूर की है। इससे ग्रामीण इलाकों के नौ लाख से अधिक घरों में फाइबर कनेक्शन लगने की उम्मीद है। इस पहल से राज्य के दूर-दराज़ के क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन और डिजिटल भुगतान जैसी सेवाओं की डिलीवरी में सुधार होगा।
डिजिटल भारत निधि (पूर्व में USOF) की स्थापना 1 अप्रैल 2002 को इंडियन टेलीग्राफ (संशोधन) अधिनियम, 2003 के तहत की गई थी, जिसे दूरसंचार अधिनियम, 2023 के अनुसार अब डिजिटल भारत निधि (DBN) नाम दिया गया है। यह संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग का एक संबद्ध कार्यालय है, जो ग्रामीण और कम सुविधा वाले क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए भारतनेट, 4G सैचुरेशन प्रोजेक्ट और सीमावर्ती एवं पूर्वोत्तर इलाकों में मोबाइल सेवाओं जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम करता है।


