मुंबई का जवाहर द्वीप बना देश का पहला प्लास्टिक-मुक्त ऑयल टर्मिनल
मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने जवाहर द्वीप मरीन ऑयल टर्मिनल को प्लास्टिक-मुक्त घोषित किया है, जो बंदरगाह के टिकाऊ कामकाज की दिशा में एक बड़ा कदम है।

मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने अपने जवाहर द्वीप मरीन ऑयल टर्मिनल को प्लास्टिक-मुक्त घोषित कर दिया है। यह उपलब्धि भारत के बंदरगाह संचालन को अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस घोषणा का ऐलान महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर मुंबई के इंदिरा डॉक के ग्रे गेट पर आयोजित 'स्वच्छता अभियान 2026' के दौरान किया गया।
इस कार्यक्रम का नेतृत्व पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने किया। इस अवसर पर मुंबई पोर्ट अथॉरिटी के अध्यक्ष डॉ. एम. अंगमुथु, उपाध्यक्ष रवीश कुमार सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। जवाहर द्वीप को प्लास्टिक-मुक्त बनाना मुंबई पोर्ट के कामकाज से सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को समाप्त करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। अथॉरिटी ने यह प्रतिबद्धता जताई है कि वह साल भर अपने डॉक, रिहायशी कॉलोनियों और तटीय इलाकों में प्लास्टिक कम करने के अभियान जारी रखेगी।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के विज़न की सराहना करते हुए कहा कि प्लास्टिक-मुक्त जवाहर द्वीप इस बात का प्रमाण है कि भारत के बंदरगाह विकास के साथ-साथ स्वच्छता भी बनाए रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अब केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि कार्य करने का एक तरीका बन गया है और सफाई कर्मी इस विज़न को धरातल पर उतार रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान सफाई कर्मियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया और उनके अनुभवों पर चर्चा की गई। इससे पहले बंदरगाह की 'स्वच्छ भारत' पहल पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। इसी अवसर पर मंत्री सोनोवाल ने पोर्ट की 'ऑयल स्पिल रिस्पॉन्स' (ओएसआर) सुविधाओं को राष्ट्र को समर्पित किया।
अभियान के समापन पर सोनोवाल के नेतृत्व में विभिन्न बंदरगाह क्षेत्रों में सफाई कार्य किया गया, जिसमें 18ID का दक्षिणी इलाका, ओएसआर सुविधाएं, समुद्र की सफाई, बीपीएक्स नॉर्थ एरिया का घाट और मूरिंग स्टाफ के लिए टॉयलेट की सुविधा शामिल थी। मुंबई पोर्ट अथॉरिटी के अध्यक्ष डॉ. एम. अंगमुथु ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से सफाई कर्मचारियों के योगदान को पहचानने और टिकाऊ व जिम्मेदार तरीके से कार्य करने के संकल्प को दोहराने का अवसर मिला।


