युवा संगम: तेलंगाना के छात्र प्रतिनिधिमंडल ने असम की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को जाना
शिक्षा मंत्रालय की 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' पहल के तहत युवा संगम के सातवें चरण में तेलंगाना के युवाओं ने असम की यात्रा की और वहां की समृद्ध संस्कृति का अनुभव किया।

शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' पहल के अंतर्गत 'युवा संगम' के सातवें चरण का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत के युवाओं के बीच सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंधों को मजबूत करना है। यह पहल युवा प्रतिभागियों को विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं, शिक्षा प्रणाली और विकास की उपलब्धियों से अवगत कराने का अवसर प्रदान करती है। यह कार्यक्रम 20 जोड़ी राज्यों और उच्च शिक्षण संस्थानों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता और आपसी समझ को बढ़ावा देता है।
इस कार्यक्रम के तहत, कर्नाटक के केंद्रीय विश्वविद्यालय के नेतृत्व में तेलंगाना का एक प्रतिनिधिमंडल 4 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी पहुँचा, जहाँ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी ने उनका स्वागत किया।
प्रतिनिधिमंडल के कार्यक्रम की शुरुआत 5 अक्टूबर 2026 को एक योग सत्र के साथ हुई, जिसके माध्यम से युवाओं ने भारत के पारंपरिक ज्ञान और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का अनुभव किया। इसी दिन तेलंगाना के प्रतिनिधियों ने असम के राज्यपाल श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से मुलाकात की। इस संवाद के दौरान युवाओं ने असम की समृद्ध विरासत, परंपराओं और सांस्कृतिक महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस बातचीत ने देश की सांस्कृतिक विविधता और युवाओं के बीच आपसी संबंधों के महत्व को समझने में उनकी मदद की।
तेलंगाना और असम के बीच यह आदान-प्रदान कार्यक्रम युवा भारतीयों को अपने राज्य से बाहर के समुदायों से जुड़ने और भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत की गहरी समझ विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करता है। ऐसे कार्यक्रम युवाओं को नई चीजों को सीखने और विविधता में एकता के बंधन को मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं, जो 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के व्यापक विजन में योगदान देते हैं।

