वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए 'अव्यय' योजना प्रभावी, 10.76 लाख से अधिक बुजुर्ग लाभान्वित
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और गरिमापूर्ण जीवन के लिए आईपीएसआरसी और एसएपीएसआरसी कार्यक्रमों के तहत 1089.58 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन को बढ़ावा देने के लिए 'वरिष्ठ नागरिकों के लिए एकीकृत कार्यक्रम (IPSRC)' और 'वरिष्ठ नागरिकों के लिए राज्य कार्य योजना (SAPSRC)' के तहत कुल 1089.58 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत ने बताया कि वित्त वर्ष 2014-15 से वित्त वर्ष 2025-26 के बीच IPSRC कार्यक्रम के माध्यम से 10.76 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को सहायता प्रदान की गई है। इस अवधि के दौरान इस विशेष कार्यक्रम के तहत लगभग 953.53 करोड़ रुपये व्यय किए गए।
श्री पंत के अनुसार, केंद्र सरकार 'अटल वयो अभ्युदय योजना (अव्यय)' के माध्यम से बुजुर्गों के लिए संस्थागत और समुदाय-आधारित सहायता प्रणालियों को मजबूत कर रही है। इस व्यापक योजना के अंतर्गत आश्रय, भोजन, स्वास्थ्य सेवा, सहायक उपकरण, हेल्पलाइन सेवाएं, क्षमता विकास और देखभाल करने वालों के प्रशिक्षण जैसे उपाय शामिल हैं। 'अव्यय' के मुख्य घटकों में IPSRC, SAPSRC, राष्ट्रीय वयोश्री योजना (RVY), वरिष्ठ नागरिकों के लिए एल्डरलाइन-राष्ट्रीय हेल्पलाइन और देखभाल करने वालों का प्रशिक्षण शामिल है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए एकीकृत कार्यक्रम (IPSRC) के तहत बुजुर्गों को भोजन, आश्रय, मनोरंजन और चिकित्सीय देखभाल जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। यह कार्यक्रम सरकारी संस्थानों, पंचायती राज संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) की क्षमता बढ़ाकर सक्रिय बुढ़ापे को प्रोत्साहित करता है।
वहीं, वित्त वर्ष 2019-20 में शुरू की गई 'वरिष्ठ नागरिकों के लिए राज्य कार्य योजना (SAPSRC)' के तहत अब तक कुल 136.05 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों को उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार उपाय लागू करने के लिए आर्थिक सहायता देना है। इसके तहत जागरूकता अभियान, संवेदनशीलता कार्यक्रम और मोतियाबिंद की शल्य चिकित्सा जैसे कार्य किए जा रहे हैं।



