वस्त्र मंत्रालय ने 'विशेष अभियान 6.0' के तहत गांधी जयंती पर आयोजित किए स्वच्छता कार्यक्रम
वस्त्र मंत्रालय ने 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता और टिकाऊ कार्यस्थल प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान 6.0 के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियां आयोजित कीं।

वस्त्र मंत्रालय ने 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के अवसर पर 'विशेष अभियान 6.0' के तहत स्वच्छता और सफाई संबंधी गतिविधियों की एक श्रृंखला का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यस्थलों पर स्वच्छता, साफ-सफाई और उत्तरदायी प्रथाओं की संस्कृति को बढ़ावा देना है।
दिल्ली स्थित राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईएफटी) में सचिव (वस्त्र) के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य और एनआईएफटी दिल्ली के कर्मचारी उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रतिभागियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई और एनआईएफटी दिल्ली परिसर में एक स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य परिसर के रखरखाव में सुधार करना, अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देना और स्वस्थ वातावरण के प्रति जागरूकता फैलाना था।
इसी अभियान के हिस्से के रूप में, गांधी जयंती (2 अक्टूबर 2026) से वस्त्र अपशिष्ट संग्रहण अभियान की शुरुआत की गई है। इसके तहत विभिन्न स्थानों पर वस्त्र अपशिष्ट संग्रहण के लिए विशेष डिब्बे स्थापित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य नई दिल्ली के केंद्रीय सरकारी कार्यालय परिसरों और आवासीय कॉलोनियों में उपभोक्ता द्वारा उपयोग किए गए वस्त्र कचरे के जिम्मेदार संग्रहण, पृथक्करण, पुनर्चक्रण और अपसाइक्लिंग को प्रोत्साहित करना है। मंत्रालय ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि वे अपने पुराने वस्त्र कचरे को निर्दिष्ट संग्रहण डिब्बों में जमा कर इस अभियान में भाग लें।
विशेष अभियान 6 के कार्यान्वयन चरण के तहत, मंत्रालय के संलग्न और अधीनस्थ कार्यालयों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी स्वच्छता की शपथ ली। इसके अतिरिक्त, 2 से 4 अक्टूबर 2026 तक कोलकाता के पटसन भवन स्थित राष्ट्रीय जूट बोर्ड परिसर और नई दिल्ली स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में व्यापक स्वच्छता और अव्यवस्था दूर करने का अभियान चलाया गया।
वस्त्र मंत्रालय विशेष अभियान 6 के माध्यम से स्वच्छता, अप्रचलित और अनुपयोगी वस्तुओं के निपटान, बेहतर कार्यस्थल प्रबंधन, ई-कचरा प्रबंधन और लंबित संदर्भों के निपटान पर विशेष ध्यान देते हुए निरंतर सुधार के प्रयास कर रहा है।


