विकसित भारत@2047 के लक्ष्य के लिए नवाचार, समावेशी विकास और राष्ट्रीय शक्ति पर जोर: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत सुदृढ़शीलता, नवाचार और समावेशी समृद्धि के साथ 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कोच्चि, केरल में 18 सितंबर, 2026 को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार 'विकसित भारत@2047' के विजन को साकार करने के लिए नागरिकों के बीच सुदृढ़शीलता, दृढ़ संकल्प, करुणा, नवाचार और राष्ट्रीय पहचान की मजबूत भावना को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपने सदियों पुराने मूल्यों, जैसे सेवा भावना, करुणा और समावेशी समृद्धि को सुनिश्चित करते हुए प्रेरक विकास के पथ पर अग्रसर है।
रक्षा मंत्री ने उल्लेख किया कि 2014 से पहले भारत को भ्रष्टाचार और कुशासन जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, लेकिन पिछले 12 वर्षों में देश ने विपरीत परिस्थितियों को अवसरों में बदलने की क्षमता दिखाई है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी और युद्धों के प्रभाव के बावजूद भारत एक आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता पर चर्चा करते हुए श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' सीमा पार जाकर देश की अखंडता के लिए खतरा पैदा करने वालों को खत्म करने की भारत की इच्छा शक्ति का प्रमाण है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि नक्सलवाद को समाप्त कर दिया गया है। स्वदेशी रक्षा क्षमताओं में वृद्धि पर उन्होंने बताया कि 2014 में स्वदेशी रक्षा उत्पादन जो केवल 40,000 करोड़ रुपये था, अब बढ़कर लगभग 1.80 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इसी तरह, रक्षा निर्यात 600 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 40,000 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है और भारतीय उपकरण लगभग 100 देशों तक पहुँचे हैं।
युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि आज के युवा स्टार्ट-अप, यूनिकॉर्न, ड्रोन, हाइड्रोजन ट्रेन, रॉकेट और उपग्रह विकसित कर भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने समावेशी विकास का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले 10 से 12 वर्षों में 250 मिलियन से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। उन्होंने यूपीआई (UPI) का उदाहरण दिया, जिसे 11 से अधिक देशों ने अपनाया है, साथ ही पीएम श्री, आयुष्मान भारत, लखपति दीदी, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन और उज्ज्वला जैसी योजनाओं को समावेशी विकास का आधार बताया।
श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन के लक्ष्यों को समय से पहले हासिल कर और कोविड-19 के दौरान 100 देशों को 300 मिलियन से अधिक टीके भेजकर दुनिया के लिए आशा का स्रोत बना है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन जैसी पहलों के माध्यम से भारत के वैश्विक नेतृत्व का उल्लेख किया।
सांस्कृतिक विरासत पर जोर देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि आधुनिकीकरण के साथ सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान आवश्यक है। उन्होंने 'सर्व धर्म समभाव' को सभ्यतागत लोकाचार का केंद्र बताया और युवाओं से भारत के इतिहास और संस्कृति के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया। अंत में, उन्होंने मीडिया की भूमिका पर चर्चा करते हुए पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताया और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रेस की आवश्यकता पर बल दिया।



