स्वदेशी ई-प्लेन तकनीक को बढ़ावा: यूबीफ्लाई टेक्नोलॉजीज को प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड से 285 करोड़ रुपये की सहायता
चेन्नई स्थित यूबीफ्लाई टेक्नोलॉजीज को स्वदेशी उन्नत हवाई परिवहन समाधान विकसित करने के लिए 285 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है।

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) ने चेन्नई स्थित यूबीफ्लाई टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को 285 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की है। यह सहायता अनुसंधान विकास और नवाचार (RDI) कोष से प्रदान की जाएगी, जिसका उद्देश्य स्वदेशी ई-प्लेन उन्नत हवाई परिवहन समाधान विकसित करना है। इस कदम से भारत में निजी क्षेत्र के नेतृत्व वाले प्रतिस्पर्धी वैश्विक डीप-टेक पारितंत्र को मजबूती मिलेगी।
कुल 570 करोड़ रुपये की इस स्वीकृत परियोजना के माध्यम से तकनीक को प्रौद्योगिकी तत्परता स्तर (TRL) 6 से उन्नत कर TRL 9 तक ले जाया जाएगा, जो स्वदेशी उन्नत हवाई गतिशीलता प्लेटफार्म के व्यावसायिक उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह वित्तीय सहायता वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर के माध्यम से प्रदान की जाएगी, जिन्हें एक निश्चित अवधि के बाद कंपनी के इक्विटी शेयरों में बदला जा सकता है।
यूबीफ्लाई टेक्नोलॉजीज द्वारा विकसित किया जा रहा 'ई200एक्स' (e200x) तीन सीटों वाला एक उन्नत हवाई गतिशीलता विमान है, जिसे एक पायलट और दो यात्रियों के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह विमान पूरी तरह से शून्य कार्बन उत्सर्जन वाला है। इसकी लक्षित उड़ान सीमा 110 किलोमीटर और अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा है। विमान में कई स्वदेशी तकनीकें शामिल हैं, जिनमें वर्टिकल रोटर, फॉरवर्ड प्रोपेलर, उड़ान नियंत्रण एल्गोरिदम, पावर-डिस्ट्रीब्यूशन कंट्रोलर और समेकित शीतलन प्रणाली वाले बैटरी-पैक मॉड्यूल शामिल हैं।
कंपनी ने विमान के मुख्य ढांचे, पंखों और पिछले हिस्से के ढांचे को स्वयं डिजाइन किया है। इस विमान की एक प्रमुख विशेषता इसका लैंडिंग गियर है, जिसे पारंपरिक और ऊर्ध्वाधर (वर्टिकल) दोनों प्रकार की लैंडिंग के लिए तैयार किया गया है। यह ढांचा कम स्थान से संचालन करने की क्षमता रखता है और एक बार बैटरी चार्ज होने पर कई उड़ानें भरने में सक्षम है। डीप टेक्नोलॉजी के अंतर्गत आने वाली इस परियोजना में स्पेस टेक्नोलॉजी उप-क्षेत्र शामिल है।
प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड के सचिव श्री राजेश कुमार पाठक ने कहा कि अनुसंधान, विकास और नवाचार कोष उच्च प्रौद्योगिकियों के विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने और नवाचारों को व्यावहारिक उपयोग में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह सहायता उन्नत तकनीकों और मौलिक नवाचारों में स्वदेशी क्षमता को मजबूत करने की भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यूबीफ्लाई टेक्नोलॉजीज के प्रतिनिधि ने इस समर्थन की सराहना करते हुए कहा कि यह सहायता ई-प्लेन तकनीक के निरंतर विकास और मान्यकरण को गति प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि ई200एक्स को TRL-6 से TRL-9 तक ले जाने के लिए इंजीनियरिंग, परीक्षण और प्रौद्योगिकी परिपक्वता हेतु निरंतर निवेश की आवश्यकता है।



