IICA ने मनाया तीसरा सीएसआर दिवस; 6-7 अक्टूबर को नई दिल्ली में होगा राष्ट्रीय सम्मेलन NCCSR 2026 का आयोजन
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (IICA) ने गांधी जयंती पर तीसरा सीएसआर दिवस मनाया, जिसके साथ ही आगामी राष्ट्रीय सम्मेलन NCCSR 2026 की तैयारियों की शुरुआत हुई।

कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (IICA) ने महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर तीसरा 'आईआईसीए सीएसआर दिवस' मनाया। इस अवसर पर IICA के महानिदेशक एवं सीईओ श्री ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने 'आईआईसीए सर्टिफाइड सीएसआर प्रोफेशनल प्रोग्राम' के 11वें बैच के प्रतिभागियों को संबोधित किया। IICA के स्कूल ऑफ बिजनेस एनवायरनमेंट द्वारा आयोजित यह वर्चुअल सत्र, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पर तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी (NCCSR 2026) के एक प्री-इवेंट के रूप में आयोजित किया गया था।
इस आयोजन की पृष्ठभूमि 2019 में तत्कालीन राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद द्वारा दिए गए सुझाव पर आधारित है, जिसमें उन्होंने 2 अक्टूबर को कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के लिए समर्पित करने का प्रस्ताव दिया था। महात्मा गांधी की ट्रस्टीशिप की अवधारणा पर आधारित यह दिवस भारत के सीएसआर पारिस्थितिकी तंत्र में संवाद, सहयोग और ज्ञान साझा करने का मंच प्रदान करता है। स्कूल ऑफ बिजनेस एनवायरनमेंट की प्रमुख और पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. गरिमा दाधीच ने बताया कि NCCSR 2026 में पूरे भारत से 550 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले चुके हैं।
अपने संबोधन के दौरान श्री ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने कहा कि भारत में सीएसआर की नींव भारतीय परंपरा और ट्रस्टीशिप की अवधारणा में निहित है, यह केवल कंपनी अधिनियम से उत्पन्न नहीं हुई है। उन्होंने कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 166(2) का उल्लेख करते हुए कहा कि कंपनियों की जिम्मेदारी केवल शेयरधारकों तक सीमित नहीं है, बल्कि कर्मचारियों, समुदाय और पर्यावरण के प्रति भी है।
सीएसआर के विकास पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि अनिवार्य सीएसआर की शुरुआत के पहले वर्ष में व्यय लगभग 10 हजार करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर करीब 35 हजार करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने जोर दिया कि सीएसआर को केवल सरकारी खर्च को बढ़ावा देने वाले 'घाटे के वित्तपोषण' के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसका उद्देश्य कॉरपोरेट संसाधनों और विशेषज्ञता के माध्यम से सामाजिक क्षेत्र में नवाचार लाना होना चाहिए।
श्री सिंह ने आवश्यकता-आधारित सीएसआर और सामुदायिक भागीदारी पर जोर देते हुए मंत्रालय के 'सीएसआर एक्सचेंज पोर्टल' के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत' के लक्ष्य के लिए केवल अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विकसित सोच और सामाजिक चेतना की भी आवश्यकता है।
आगामी NCCSR 2026 का आयोजन 6-7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के अशोक होटल में 'विकसित भारत के लिए सीएसआर की भावना का पुनर्परिभाषित करना: अनुपालन से प्रतिबद्धता तक' विषय पर किया जाएगा। इस सम्मेलन में सरकार, कॉरपोरेट जगत, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और शैक्षणिक संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होंगे। कार्यक्रम में पांच उच्च स्तरीय पैनल और एक फायरसाइड चैट के साथ-साथ एक राष्ट्रीय प्रदर्शनी भी होगी, जिसमें युवा, गरीब, अन्नदाता और नारी शक्ति जैसे चार विषयगत क्षेत्रों पर केंद्रित 30-40 स्टॉल लगाए जाएंगे।


