उत्तराखंड के रुद्रपुर में 'श्रम संवाद' कार्यक्रम का आयोजन, श्रम संहिताओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर हुई चर्चा
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने उत्तराखंड सरकार के सहयोग से रुद्रपुर में जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें नई श्रम संहिताओं और केंद्रीय नियमों के कार्यान्वयन पर जोर दिया गया।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने उत्तराखंड सरकार के श्रम विभाग, कुमाऊं गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स, एंटरप्रेन्योर वेलफेयर कमेटी एसईडब्ल्यूएस-एसआईडीकुल और सिडकुल इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन (एसएसआईडब्ल्यूए) के साथ मिलकर रुद्रपुर में 'श्रम संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया। यह जिला स्तरीय क्षमता निर्माण और जागरूकता कार्यक्रम मुख्य रूप से 21 नवंबर 2025 को लागू हुई श्रम संहिताओं और 8 मई 2026 को अधिसूचित केंद्रीय नियमों के प्रति समझ विकसित करने के लिए आयोजित किया गया था।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सचिव डॉ. चंद्र भूषण कुमार ने की। सत्र के दौरान नई श्रम कानून व्यवस्था के तहत प्रतिष्ठानों के लिए अनुपालन आवश्यकताओं और संहिताओं के प्रमुख प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में लगभग 250 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें नियोक्ता, उद्योग प्रतिनिधि, मानव संसाधन पेशेवर, कानूनी और वित्त विशेषज्ञ शामिल थे। इस अवसर पर केंद्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC), कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) और उत्तराखंड सरकार के श्रम विभाग के अधिकारियों ने भी संवाद किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में उत्तराखंड सरकार के श्रम सचिव श्री श्रीधर बाबू अडांकी (आईएएस) ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और श्रम कानून अनुपालन को मजबूत करने के लिए सहयोगात्मक प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया। मुख्य वक्तव्य देते हुए डॉ. चंद्र भूषण कुमार (आईएएस) ने श्रम संहिताओं के प्रभावी कार्यान्वयन में जागरूकता और हितधारकों की भागीदारी की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं, प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई) और प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएमएसवाईएम) के बारे में भी जानकारी साझा की।
जागरूकता बढ़ाने के लिए चार तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें श्रम संहिताओं के अवलोकन, नियोक्ताओं की अनुपालन आवश्यकताओं और पीएमवीबीआरवाई व पीएमएसवाईएम के विभिन्न पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसके अलावा एक प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियों और नियामक व्यवस्था की शंकाओं का समाधान किया गया।
कार्यक्रम के समापन के बाद, श्रम एवं रोजगार सचिव ने रुद्रपुर स्थित ईएसआईसी (ESIC) अस्पताल का दौरा किया। वहां उन्होंने डॉक्टरों और कर्मचारियों के साथ बातचीत की और बीमित व्यक्तियों को मिलने वाली सुविधाओं व अस्पताल के कामकाज की समीक्षा की। सचिव ने अस्पताल की कार्यप्रणाली में समग्र सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।