ऑपरेशन दृष्टि: जम्मू-कश्मीर के तंगधार में सैन्य चिकित्सा सेवा ने 220 लोगों की आंखों की रोशनी लौटाई
सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (AFMS) ने नियंत्रण रेखा के पास तंगधार में आयोजित दो दिवसीय मेगा नेत्र शिविर में 220 सफल सर्जरी कीं।

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा के समीप तंगधार में 24 और 25 सितंबर, 2026 को 'ऑपरेशन दृष्टि' के तहत पहले मेगा नेत्र शल्य चिकित्सा शिविर के 10वें संस्करण का आयोजन किया गया। गोलाबारी की आशंका वाले इस संवेदनशील क्षेत्र में सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (AFMS) के सर्जनों ने दो दिनों के भीतर 220 मरीजों की सफल सर्जरी कर उनकी आंखों की रोशनी बहाल की।
इन सर्जरी में मुख्य रूप से मोतियाबिंद का इलाज किया गया। इसके साथ ही रेटिना से जुड़ी जटिल प्रक्रियाओं और कम चीर-फाड़ वाली ग्लूकोमा सर्जरी भी सफलतापूर्वक संपन्न की गईं। शिविर का नेतृत्व दिल्ली कैंटोनमेंट स्थित आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) के ऑप्थल्मोलॉजी विभाग के प्रमुख ब्रिगेडियर संजय कुमार मिश्रा ने किया। उनकी टीम अत्याधुनिक फैकोइमल्सीफिकेशन, विट्रियोरेटिनल और ग्लूकोमा उपकरणों को पहाड़ी इलाकों तक लेकर पहुंची। शिविर के लिए खावरपोरा, तंगदार, टड, बागबेला, यांगदार और आसपास के गांवों के रोगियों की स्क्रीनिंग की गई और 'रेडियो रूह-ए-करनाह' के माध्यम से इसका प्रचार-प्रसार किया गया। भारतीय सेना ने मरीजों के आने से लेकर उनके ठीक होने तक हर स्तर पर सहायता प्रदान की।
इस शिविर के दौरान थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने दौरा कर मरीजों से बातचीत की और उन्हें दवाइयां तथा उपहार वितरित किए। सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा के महानिदेशक (DGAFMS) एयर मार्शल संदीप थरेजा ने भी शिविर का निरीक्षण किया और सर्जनों व स्थानीय टीम के प्रयासों की सराहना की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की पहल पर आयोजित इन मेगा नेत्र शिविरों की श्रृंखला के तहत अब तक 1 लाख 50 हजार से अधिक मरीजों की जांच की जा चुकी है और 10 शहरों में 3,500 से अधिक सर्जरी की गई हैं। इस अभियान का 11वां शिविर 27 से 29 सितंबर, 2026 तक श्रीनगर में आयोजित किया जाएगा, जिसका औपचारिक समापन 30 सितंबर, 2026 को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा करेंगे।