केंद्र सरकार देश के सभी राज्यों और क्षेत्रों के समान विकास के लिए प्रतिबद्ध: राजीव रंजन सिंह
आणंद में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने 'स्वामित्व' और मत्स्य पालन योजनाओं के लाभों पर चर्चा की और संपत्ति कार्ड वितरित किए।

केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में गुजरात के आणंद स्थित राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) सभागार में एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 'स्वामित्व' योजना और मत्स्य पालन योजनाओं के लाभार्थियों ने भाग लिया, जहाँ केंद्रीय पंचायती राज और मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने विशेष अतिथि के तौर पर शिरकत की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार देश के सभी राज्यों और क्षेत्रों के समान विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के सभी राज्यों को एक सूत्र में जोड़कर भारत को आत्मनिर्भर बनाना प्रधानमंत्री का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' बनने के संकल्प का उल्लेख किया।
ग्रामीण विकास पर चर्चा करते हुए श्री सिंह ने बताया कि 'स्वामित्व योजना' के माध्यम से ड्रोन सर्वेक्षण कर ग्रामीणों को उनकी संपत्ति के दस्तावेजी प्रमाण यानी स्वामित्व कार्ड दिए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक देशभर में 3 करोड़ से अधिक स्वामित्व कार्ड वितरित किए जा चुके हैं, जिससे ग्रामीणों को बैंकों से ऋण लेने में आसानी हो रही है और वे साहूकारों के शोषण से बच रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि गुजरात सहित पूरे देश में इस योजना के दूसरे चरण का कार्य अंतिम दौर में है।
मत्स्य पालन क्षेत्र के बारे में बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र से देश के लगभग 6 करोड़ लोगों की आजीविका जुड़ी है। उन्होंने साल 2014 के बाद 'नीली क्रांति', प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएम एमएसवाई) और एक अलग मंत्रालय के गठन जैसी महत्वपूर्ण पहलों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) और गहरे समुद्र में मछली पकड़ने की नीतियों के जरिए इस क्षेत्र को नई गति देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष देश के लिए विकास और बदलाव का स्वर्णिम युग रहे हैं। उन्होंने आयुष्मान कार्ड, मुद्रा योजना, पीएम-किसान, बिजली और आवास जैसी योजनाओं के माध्यम से करोड़ों नागरिकों के जीवन में आए सुधारों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना और नीली क्रांति ने ग्रामीण भारत के आर्थिक और सामाजिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं।
कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को संपत्ति कार्ड वितरित किए गए और सरकारी योजनाओं के लाभ पर सीधी चर्चा हुई। इस अवसर पर राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह, पंचायती राज विभाग के संयुक्त सचिव अमित अग्रवाल, निदेशक धर्मेंद्र, जिला विकास अधिकारी सुश्री देवहूति और जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



