तीसरे अंतरराष्ट्रीय भारत 6G संगोष्ठी 2026 का समापन: वैश्विक साझेदारी और स्वदेशी तकनीक पर जोर
नई दिल्ली में आयोजित तीसरे अंतरराष्ट्रीय भारत 6G संगोष्ठी में वैश्विक दूरसंचार दिग्गजों ने हिस्सा लिया, जिसमें किफायती और समावेशी 6G इकोसिस्टम विकसित करने पर चर्चा हुई।

नई दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि में आयोजित तीसरे अंतरराष्ट्रीय भारत 6G संगोष्ठी 2026 का समापन हो गया है। भारत 6G एलायंस (B6GA) द्वारा इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के साथ आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में वैश्विक टेलीकॉम लीडर्स, नीति-निर्माताओं, मानक संगठनों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य IMT-2030 और उससे आगे की रूपरेखा पर चर्चा करना था।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने भारत 6G एलायंस को इस आयोजन और 75 से अधिक वक्ताओं (जिनमें 30 से अधिक अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल थे) को आमंत्रित करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल एक बड़े दूरसंचार बाजार के रूप में नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण टेलीकॉम टेक्नोलॉजी राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है। राज्य मंत्री ने जोर दिया कि आत्मनिर्भरता और वैश्विक सहयोग एक-दूसरे के पूरक हैं और हमारी क्षमताएं जितनी मजबूत होंगी, हम दुनिया के लिए उतने ही बेहतर साझेदार बन पाएंगे।
डॉ. पेम्मासानी ने चेतावनी दी कि 6G तकनीक से कोई नया डिजिटल अंतर पैदा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किफायतीपन, पहुंच और कवरेज को डिजाइन की मुख्य आवश्यकता बनाया जाना चाहिए। उन्होंने टेरेस्ट्रियल (जमीनी) और सैटेलाइट नेटवर्क के एकीकरण पर बल दिया ताकि दूर-दराज के गांवों, द्वीपों और महासागरों तक कनेक्टिविटी पहुंचाई जा सके। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत का लक्ष्य 2047 तक 'विकसित भारत' बनना है।
संगोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों ने 5G-एडवांस्ड फाउंडेशन, ग्लोबल स्टैंडर्ड्स, स्पेक्ट्रम, WRC-27, AI-नेटिव और सस्टेनेबल नेटवर्क जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। इस आयोजन के परिणामस्वरूप GSMA, one6G, GTI अलायंस, 6G इनोवेशन फोरम (6G IF) ताइवान और VOICE के साथ पांच नए समझौतों का आदान-प्रदान किया गया, जिससे संयुक्त अनुसंधान और परीक्षण के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही, B6GA ने 6G के साझा सिद्धांतों पर प्रगति रिपोर्ट सहित दस व्हाइट पेपर जारी किए।
इस अवसर पर दूरसंचार विभाग ने 'उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार कॉन्क्लेव' (ESTIC) 2026 के दूसरे संस्करण की घोषणा की, जो 27-29 अक्टूबर 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। यह कॉन्क्लेव प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के मार्गदर्शन और CSIR द्वारा 12 विभागों के सहयोग से आयोजित होगा। इसमें 28 अक्टूबर को दूरसंचार विभाग "इंटेलिजेंट नेटवर्क्स एंड क्वांटम कम्युनिकेशन" विषय पर सत्र का नेतृत्व करेगा, जिसमें टीसीएस के उपाध्यक्ष श्री एन. जी. सुब्रमण्यम का मुख्य भाषण और आईआईटी कानपुर, आईआईटी दिल्ली, एचएफसीएल, रिलायंस जियो और भारत 6G एलायंस के विशेषज्ञों की पैनल चर्चा शामिल होगी। इस चर्चा का संचालन सी-डॉट के सीईओ डॉ. राजकुमार उपाध्याय करेंगे।
भारत 6G एलायंस, जिसकी स्थापना जुलाई 2023 में हुई थी, एक उद्योग-नेतृत्व वाला मंच है। इसका उद्देश्य दूरसंचार सेवा प्रदाताओं, स्टार्टअप्स और शैक्षणिक संस्थानों को एक साथ लाकर एक सुरक्षित, टिकाऊ और वैश्विक स्तर पर इंटरऑपरेबल 6G इकोसिस्टम के लिए स्वदेशी नवाचार और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को बढ़ावा देना है।



