तुर्की से नार्को-ट्रैफिकिंग किंगपिन नवप्रीत सिंह का प्रत्यर्पण, गृह मंत्री अमित शाह ने एजेंसियों को दी बधाई
भारत सरकार ने तुर्की से कुख्यात ड्रग तस्कर नवप्रीत सिंह को प्रत्यर्पित करने में सफलता हासिल की है, जिसे ड्रग तस्करी और अन्य अपराधों के आरोप में जेल भेज दिया गया है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने तुर्की से कुख्यात नार्को-ट्रैफिकिंग सरगना नवप्रीत सिंह के प्रत्यर्पण को सुनिश्चित करने वाली सभी एजेंसियों को बधाई दी है। X प्लेटफॉर्म पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, नवप्रीत सिंह ने 'नवाब विर्क' नामक फर्जी पहचान के जरिए तुर्की की नागरिकता प्राप्त की थी, लेकिन इसके बावजूद वह अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी में संलिप्त रहा।
गृह मंत्री ने बताया कि भारतीय एजेंसियों ने उसकी फर्जी पहचान को उजागर कर असली पहचान का पता लगाया और उसे वापस लाने में कामयाबी हासिल की। नवप्रीत सिंह को भारत लाकर ड्रग तस्करी और अन्य अपराधों के मामलों में जेल भेज दिया गया है। श्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार दिसंबर 2029 से पहले हर नार्को-कार्टेल को खत्म करने के प्रति कटिबद्ध है।
भगोड़ों को वापस लाने के प्रयासों पर जानकारी देते हुए गृह मंत्री ने बताया कि वर्ष 2019 से अगस्त 2026 तक, 36 देशों से कुल 288 भगोड़ों को भारत वापस लाया गया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने भगोड़ों के प्रत्यर्पण को 'राष्ट्रीय प्राथमिकता' बनाया है और इसके लिए वैश्विक अभियान, मजबूत समन्वय एवं स्मार्ट कूटनीति के तीन स्तंभों पर जोर दिया है।
सरकार ने 2019 में NIA संशोधन अधिनियम और UAPA संशोधन अधिनियम लागू किए और 2020 के बाद भगोड़ों को वापस लाने की प्रक्रिया को 'मिशन मोड' में आगे बढ़ाया। इस दिशा में जनवरी 2025 में ‘BHARTPOL’ लॉन्च किया गया, जिसने सीबीआई, राज्य पुलिस मुख्यालयों और जिला पुलिस मुख्यालयों को एकीकृत कर एक व्यापक इन्फॉर्मेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है। इस पोर्टल से 1,400 से अधिक यूनिट ऑफिस जुड़े हैं, जिससे सूचना साझा करने के समय में कमी आई है।
मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (PMLA) के सख्ती से लागू होने के कारण वर्ष 2019 से 2026 तक भगोड़ों की कुल ₹17,874 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई और ₹18,762 करोड़ की सफल वापसी (Restitution) की गई। पिछले 3 वर्षों में 401 भगोड़े अपराधियों के विरुद्ध रेड कार्नर नोटिस जारी हुए हैं, जबकि जुलाई 2026 तक कुल 182 रेड कार्नर नोटिस जारी किए गए हैं।



