नई दिल्ली: अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने आयोजित किया 'स्वच्छता ही सेवा 2026', किरेन रिजिजू ने दिलाई स्वच्छता शपथ
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए श्रमदान और वृक्षारोपण अभियान में हिस्सा लिया।

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य और संसदीय कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू की उपस्थिति में नई दिल्ली में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा 'स्वच्छता ही सेवा 2026' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता शपथ, श्रमदान और वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए श्री रिजिजू ने कहा कि स्वच्छता को केवल एक बार के प्रयास के रूप में नहीं, बल्कि एक निरंतर जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि मौजूदा कचरे की सफाई के साथ-साथ लोगों में यह जागरूकता पैदा करना आवश्यक है कि वे शुरुआत में ही कचरा न फैलाएं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता एक सामूहिक जिम्मेदारी है और इसे केवल सफाई कर्मचारियों का कार्य नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को रोजमर्रा के आचरण में लाना आवश्यक है और इसे मिशन मोड में आगे बढ़ाने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए श्री रिजिजू ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ने देश में व्यापक जागरूकता पैदा की है। उन्होंने इस आंदोलन को मजबूत करने के लिए निरंतर जन-भागीदारी का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान श्री रिजिजू ने प्रतिभागियों को स्वच्छता शपथ दिलाई, जिसमें लोगों ने व्यक्तिगत प्रतिबद्धता जताने, श्रमदान के लिए समय निकालने और अपने कार्यस्थलों व पड़ोस से इस प्रयास की शुरुआत करने का संकल्प लिया। इस शपथ के माध्यम से महात्मा गांधी के स्वच्छ और विकसित भारत के विजन को भी याद किया गया।
पर्यावरण संरक्षण पर बात करते हुए मंत्री ने प्रधानमंत्री की 'एक पेड़ माँ के नाम' पहल पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह अभियान प्रत्येक व्यक्ति को अपनी माँ के नाम पर कम से कम एक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करता है। श्री रिजिजू ने यह भी साझा किया कि इस पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है और उनकी हालिया यूरोप यात्रा के दौरान बेलग्रेड में अन्य देशों के मंत्रियों ने भी इस अभियान के प्रति अपनी जानकारी व्यक्त की थी।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री ने मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ श्रमदान और वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया। इसी अवसर पर अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित 'हिंदी पखवाड़े' का समापन भी हुआ, जहाँ श्री रिजिजू ने हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं के महत्व तथा भाषाई विविधता के सम्मान पर जोर दिया। इस मौके पर दयाल सिंह कॉलेज के प्राचार्य ने भी नागरिक आचरण के महत्व पर बोलते हुए लोगों से स्वच्छ भारत के राष्ट्रीय संकल्प में योगदान देने की अपील की।


