नेशनल फैलोशिप ने बदली फरीदाबाद की प्रतिभा रानी की जिंदगी, पीएचडी पूरी कर बनीं डॉक्टर
हरियाणा की डॉ. प्रतिभा रानी ने एनएफएससी छात्रवृत्ति की मदद से अपनी आर्थिक बाधाओं को दूर कर पीएचडी की डिग्री हासिल की है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए राष्ट्रीय फैलोशिप (NFSC) योजना ने हरियाणा के फरीदाबाद की रहने वाली 35 वर्षीय डॉ. प्रतिभा रानी के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। इस छात्रवृत्ति के माध्यम से उन्होंने अपनी आर्थिक चुनौतियों को पार करते हुए उच्च शिक्षा के अपने सपने को साकार किया।
डॉ. प्रतिभा रानी को सितंबर 2019 से इस योजना के तहत वित्तीय सहायता मिलना शुरू हुई थी। इस सहायता में छात्रवृत्ति के साथ-साथ मकान किराया भत्ता (HRA) और आकस्मिक खर्च शामिल थे। योजना के माध्यम से उन्हें कुल लगभग 18 लाख रुपये प्राप्त हुए, जिससे उन्हें पीएचडी करने और उच्च शिक्षा से जुड़ी वित्तीय कठिनाइयों को दूर करने में महत्वपूर्ण मदद मिली।
अपनी शैक्षणिक यात्रा के बारे में बताते हुए डॉ. प्रतिभा ने कहा कि शुरुआत में शैक्षिक सहायता योजनाओं की जानकारी न होने के कारण उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। उनका मानना था कि अनुसूचित जाति समुदाय की महिलाओं के लिए आर्थिक तंगी, पारिवारिक परिस्थितियों और सामाजिक दबाव के कारण उच्च शिक्षा प्राप्त करना अक्सर एक कठिन सपना होता है। NFSC ने उन्हें आर्थिक स्थिरता प्रदान की, जिससे वे अपने शैक्षणिक लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकीं। इस सहायता से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ, क्योंकि उनके माता-पिता सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
अपनी पढ़ाई के साथ-साथ डॉ. प्रतिभा पिछले 12 वर्षों से वंचित बच्चों की शिक्षा के लिए भी योगदान दे रही हैं। उनकी इस यात्रा ने उनके लिए नए पेशेवर अवसर भी खोले। उन्होंने नई दिल्ली स्थित सीएसआईआर-राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (CSIR-NPL) की एक परियोजना में हिस्सा लिया, जहाँ उन्हें एक वर्ष तक प्रति माह 43,000 रुपये का मानदेय प्राप्त हुआ।
वित्तीय सहायता के लिए आभार व्यक्त करते हुए डॉ. प्रतिभा रानी ने कहा, “एनएफएससी ने मुझे आर्थिक चुनौतियों से उबरने और उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अपने सपने को साकार करने में मदद की, आर्थिक स्थिरता प्रदान की और वंचित बच्चों की शिक्षा में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।” उनकी यह सफलता अब उनके समुदाय की अन्य लड़कियों को भी उच्च शिक्षा और अकादमिक विकास के लिए प्रेरित कर रही है।



