पर्यावरण मंत्रालय ने 'विशेष अभियान 6' शुरू किया, ई-कचरा प्रबंधन और लंबित मामलों के निपटान पर रहेगा जोर
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को बढ़ावा देने और ई-कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान 6 चलाने का निर्णय लिया है।

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने 'विशेष अभियान 6' के कार्यान्वयन चरण की शुरुआत की है। यह अभियान 02 अक्टूबर 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देना और लंबित मामलों की संख्या को न्यूनतम करना है।
यह अभियान मंत्रालय के सभी कार्यालयों, जिनमें अधीनस्थ कार्यालय, स्वायत्त संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय और अन्य बाहरी कार्यालय शामिल हैं, में आयोजित किया जा रहा है। मंत्रालय ने विशेष रूप से उन कार्यालयों पर ध्यान केंद्रित किया है जो सीधे तौर पर जनता से संपर्क करते हैं या जन सेवाएं प्रदान करते हैं। इस अभियान का संचालन प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) के दिशानिर्देशों के अनुसार किया जा रहा है।
इस वर्ष के अभियान का प्राथमिक केंद्र “ई-कचरे का प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण और निपटान” रखा गया है। इसके अलावा, अभियान के अन्य प्रमुख क्षेत्रों में स्थलों की स्वच्छता, लंबित मामलों का निपटान, अभिलेख प्रबंधन, स्थान प्रबंधन, प्रक्रियाओं का सरलीकरण और अनुपयोगी वस्तुओं एवं फर्नीचर का निपटान शामिल है। मंत्रालय ने सभी संबंधित संगठनों को ई-कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और आवश्यक दिशानिर्देश उपलब्ध कराए हैं।
तैयारी चरण के दौरान मंत्रालय ने विभिन्न मानदंडों के तहत विशिष्ट लक्ष्य निर्धारित किए हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: - 132 स्वच्छता अभियान स्थल - 37 सांसदों से प्राप्त संदर्भ और 16 संसदीय आश्वासन - 4 राज्य सरकारों से प्राप्त संदर्भ - 445 जन शिकायतें और 96 जन शिकायत अपीलें - 12,234 भौतिक फाइलें और 14,164 ई-फाइलें समीक्षा के लिए चिन्हित - विभिन्न श्रेणियों के ई-कचरे का निपटान, जिसमें 1,425 आईटी और दूरसंचार उपकरण, 1,058 उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फोटोवोल्टिक पैनल, 333 बड़े एवं छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, 42 विद्युत उपकरण, 13 खिलौने एवं खेल उपकरण, 3 चिकित्सा उपकरण और 23 प्रयोगशाला उपकरण शामिल हैं।
चिन्हित ई-कचरे का प्रसंस्करण लागू नियमों और DARPG द्वारा निर्धारित SOP के अनुसार किया जाएगा। अभियान की गतिविधियों के समन्वय, निगरानी और समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के लिए नोडल अधिकारियों को नामित किया गया है। मंत्रालय DARPG के 'लंबित मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान' (SCDPM) पोर्टल के माध्यम से प्रगति की निरंतर निगरानी करेगा और इसे नियमित रूप से अपडेट किया जाएगा।

