पीएम-अजय योजना: पिछले 12 वर्षों में 11,186 करोड़ रुपये जारी, 16,022 गांव बने 'आदर्श ग्राम'
प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के माध्यम से अनुसूचित जाति समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण के लिए बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता और बुनियादी विकास कार्य किए गए हैं।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की 'प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना' (पीएम-अजय) अनुसूचित जाति समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा दे रही है। मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत ने जानकारी दी कि पिछले 12 वर्षों में इस योजना के तीन मुख्य घटकों के तहत 11,186 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई है।
सचिव श्री सुधांश पंत ने बताया कि 'आदर्श ग्राम' घटक (पूर्व में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना) के तहत वित्तीय वर्ष 2014-15 से अब तक 48,811 चयनित गांवों के लिए 3,545.103 करोड़ रुपये जारी किए गए। इनमें से 16,022 गांवों ने तय विकास मानकों को पूरा किया और उन्हें 'आदर्श ग्राम' घोषित किया गया। इस घटक का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति-बहुल गांवों में बुनियादी ढांचे और आवश्यक सेवाओं की कमियों को दूर कर समग्र विकास सुनिश्चित करना है।
अनुदान सहायता घटक (पूर्व में अनुसूचित जातियों के लिए विशेष केंद्रीय सहायता उप-योजना) के बारे में बताते हुए श्री पंत ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2014-15 से अब तक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 7,142.692 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इस सहायता से कौशल विकास, आजीविका प्रोत्साहन और आय सृजन परियोजनाओं के माध्यम से 34.61 लाख लाभार्थी लाभान्वित हुए हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए छात्रावास घटक (पूर्व में बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना) के तहत वित्तीय वर्ष 2014-15 से अब तक 244 छात्रावासों के निर्माण और विस्तार के लिए 498.215 करोड़ रुपये जारी किए गए, जिससे 24,131 छात्रों को फायदा मिला है।
हालिया उपलब्धियों का जिक्र करते हुए सचिव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान आदर्श ग्राम घटक के तहत 629.26 करोड़ रुपये जारी हुए और 8,823 गांवों को 'आदर्श ग्राम' घोषित किया गया। इसी अवधि में सहायता अनुदान घटक के तहत 705.638 करोड़ रुपये जारी कर 1,782 लोगों को लाभ पहुँचाया गया, जबकि छात्रावास घटक के तहत 46 छात्रावासों के लिए 80.115 करोड़ रुपये जारी किए गए जिससे 5,664 लाभार्थी लाभान्वित हुए।
श्री पंत ने स्पष्ट किया कि 'पीएम-अजय' को वर्ष 2021-22 से एक एकीकृत केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में लागू किया गया है। इसमें तीन पूर्ववर्ती योजनाओं—प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवाई), अनुसूचित जाति के लिए विशेष केंद्रीय सहायता उप-योजना (एससीए से एससीएसपी) और बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना (बीजेआरसीवाई) का विलय किया गया है। इस योजना का लक्ष्य कौशल विकास और आय सृजन के माध्यम से गरीबी कम करना और अनुसूचित जाति बहुल गांवों के सामाजिक-आर्थिक संकेतकों में सुधार करना है।


