प्रधानमंत्री ने जयगोपाल गारोडिया हिंदू विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में युवाओं को किया प्रेरित, 'विकसित भारत' का आह्वान
प्रधानमंत्री ने जयगोपाल गारोडिया हिंदू विद्यालय के 50 वर्ष पूरे होने पर छात्रों को निडर होकर बड़े सपने देखने और 2047 तक भारत को विकसित बनाने का संकल्प दिलाया।

प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के चेन्नई में जयगोपाल गारोडिया हिंदू विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए युवाओं को 'विकसित भारत' के विजन की ताकत बनने के लिए प्रेरित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का युवा जिस सकारात्मक ऊर्जा और नए आइडियाज के साथ आगे बढ़ रहा है, उससे न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व का भविष्य तय होगा।
संस्थान की यात्रा पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि विश्व हिंदू विद्या केंद्र की शुरुआत 1975 में चेन्नई के 'वेस्ट माम्बलम' में मात्र सात छात्रों के साथ एक छोटे से विद्यालय के रूप में हुई थी। सीमित संसाधनों और स्थायी भवन के अभाव के बावजूद, दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण आज यह एक बड़ा एजुकेशनल मूवमेंट बन चुका है और तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में इसके 15 संस्थान संचालित हैं। उन्होंने विद्यालय के भवन निर्माण में महत्वपूर्ण सहयोग देने के लिए श्री जयगोपाल गरोडिया के योगदान को याद किया।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रभक्ति का उदाहरण देते हुए उल्लेख किया कि कैसे डॉ. गिरिजा शेषाद्रि अम्मा के विचार से प्रेरित होकर बच्चों ने प्रतिदिन एक रुपया बचाकर सैनिकों के लिए लगभग 40 लाख रुपये जुटाए। उन्होंने विद्यार्थियों को महान संत तिरुवल्लुवर की शिक्षाओं और महाकवि भारतियार के निडर जीवन से सीखने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे निडर होकर अपने आइडियाज पर काम करें और बड़े सपने देखें।
शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलावों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 में भारत में लगभग 750 विश्वविद्यालय थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 1300 से अधिक हो गई है। कॉलेजों की संख्या भी 38 हजार से बढ़कर 52 हजार से अधिक हो गई है। उन्होंने नई एजुकेशन पॉलिसी के प्रभाव और QS रैंकिंग में भारतीय विश्वविद्यालयों की संख्या 14 से बढ़कर 52 होने की जानकारी दी।
खेलों के क्षेत्र में भारत की बढ़ती संभावनाओं पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि देश 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और 2036 ओलंपिक की मेजबानी का सपना लेकर आगे बढ़ रहा है।
संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने छात्रों के साथ मिलकर कई बड़े संकल्प दोहराए, जिनमें 2047 तक विकसित भारत, टॉप थ्री इकोनॉमी, आत्मनिर्भर भारत, ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब, ओलंपिक की मेजबानी और चंद्रमा पर भारतीय के पहुँचने का लक्ष्य शामिल था।
