भारत और स्विट्जरलैंड के बीच प्रवासन, परिवहन और विज्ञान के क्षेत्र में हुए महत्वपूर्ण समझौते
स्विस परिसंघ के अध्यक्ष की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने प्रवासन, युवा पेशेवरों के आदान-प्रदान और टिकाऊ परिवहन सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।

स्विस परिसंघ के अध्यक्ष की भारत की राजकीय यात्रा के दौरान भारत और स्विट्जरलैंड ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों और आशय पत्रों पर सहमति जताई है। इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य प्रवासन, शिक्षा, परिवहन और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना है।
प्रवासन और आवागमन साझेदारी (MMP) के तहत एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसका उद्देश्य समान व्यवहार के सिद्धांतों के आधार पर प्रवासन सहयोग विकसित करना और अनियमित प्रवासन, मानव शोषण तथा तस्करी को रोकना है। इस समझौते में 5 साल तक के बहु-प्रवेश वीजा का प्रावधान है, जिसके तहत प्रत्येक यात्रा पर 6 महीने तक का प्रवास किया जा सकेगा। साथ ही, नवीकरणीय 1 वर्षीय छात्र परमिट की सुविधा भी शामिल है।
युवा पेशेवरों के आदान-प्रदान (YPS) पर हुए समझौते के माध्यम से युवा पेशेवर एक-दूसरे के देश में अस्थायी रोजगार प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उनके पेशेवर और भाषाई कौशल में वृद्धि होगी। इस योजना के तहत प्रतिवर्ष 300 लोगों के आदान-प्रदान का लक्ष्य रखा गया है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 500 किया जा सकता है।
परिवहन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में, भारत के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और स्विट्जरलैंड के संघीय आर्थिक कार्य, शिक्षा और अनुसंधान विभाग (EAER) के बीच एक समझौता ज्ञापन हुआ है। यह सहयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, रोपवे, चक्रीय अर्थव्यवस्था और सुरंग निर्माण जैसी परिवहन प्रौद्योगिकियों और सतत अवसंरचना विकास पर केंद्रित होगा।
वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) और स्विस राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन (SNSF) के बीच एक आशय पत्र (LoI) पर हस्ताक्षर किए गए हैं ताकि दोनों देशों के अनुसंधान समुदायों के बीच दीर्घकालिक सहयोग और संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा सके। इसके अतिरिक्त, DST और ज्यूरिख यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज के बीच एक कार्यान्वयन समझौता (IA) किया गया है। इसके जरिए 'भारत-स्विस अकादमिक-उद्योग प्रशिक्षण (AIT India)' कार्यक्रम लागू किया जाएगा, जो प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप के लिए नवाचार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और उद्यमिता में सहयोग प्रदान करेगा।
इस यात्रा के दौरान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से 'भारत-स्विट्जरलैंड अनुसंधान प्रमुख कार्यक्रम' के उद्घाटन सत्र का भी आयोजन किया गया।
