महिला एवं बाल विकास मंत्रालय विशेष अभियान के छठे चरण की तैयारी में जुटा
मंत्रालय विशेष अभियान के छठे चरण के कार्यान्वयन के लिए तैयार है, जिसके तहत सभी कार्यालयों में सक्रिय भागीदारी और दीर्घकालिक प्रभाव सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाएगा।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय विशेष अभियान के छठे चरण के कार्यान्वयन के लिए अपनी तैयारियों में जुट गया है। इस आगामी चरण के दौरान मंत्रालय के सभी कार्यालयों और संस्थानों में सक्रिय भागीदारी, मापनीय परिणाम और दीर्घकालिक प्रभाव सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। मंत्रालय अपनी गतिविधियों को अभियान के निर्धारित प्रमुख मानकों और लक्ष्यों के अनुरूप सुव्यवस्थित कर रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव श्री अनिल मलिक ने सभी कार्यालयों से इस अभियान में उत्साह और सक्रियता के साथ भाग लेने का आग्रह किया है।
विशेष अभियान के पांचवें चरण की उपलब्धियों पर नजर डालें तो यह चरण 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक चला और इसके बाद 1 नवंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक जारी रहा। इस अवधि के दौरान स्वच्छता, अभिलेख प्रबंधन और लंबित संदर्भों के निपटान के लिए व्यापक गतिविधियां आयोजित की गईं। मंत्रालय ने आंगनवाड़ी केंद्रों, बाल देखभाल संस्थानों, वन स्टॉप सेंटरों, सखी निवासों और शक्ति सदनों सहित देशभर में कुल 1,95,620 स्वच्छता अभियान चलाए, जिससे 26,506 वर्ग फुट कार्यालय स्थान खाली हुआ और कबाड़ व ई-कचरे के निपटान से 14,29,703 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
रिकॉर्ड प्रबंधन के तहत 6,267 भौतिक फाइलों और 3,874 ई-फाइलों की समीक्षा की गई, जिनमें से 3,591 ई-फाइलों को बंद कर दिया गया। इसके अलावा, मंत्रालय ने 35 सांसद संबंधी संदर्भों, 11 संसदीय आश्वासनों और 28 राज्य सरकार संबंधी संदर्भों का निपटारा किया। साथ ही, 10,126 जन शिकायतों और 1,877 शिकायत अपीलों का समाधान किया गया।
एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में, मंत्रालय ने पोषण ट्रैकर डेटाबेस का उपयोग करके प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के संभावित लाभार्थियों की सूची तैयार की, ताकि पात्र लाभार्थियों के लिए लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया को और सरल बनाया जा सके।
पांचवें चरण के दौरान निगरानी और समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न केंद्रों का दौरा किया। महिला एवं बाल विकास मंत्री ने नई दिल्ली स्थित शास्त्री भवन, जीवन विहार और जीवन तारा बिल्डिंग के कार्यालयों का दौरा किया। वहीं, महिला एवं बाल विकास विभाग के अपर सचिव और सावित्रीबाई फुले राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास संस्थान (एसपीएनआईडब्ल्यूसीडी) की निदेशक ने लखनऊ स्थित क्षेत्रीय केंद्र का निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की।



