विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राजभाषा खंड की स्वर्ण जयंती पर स्मारक पुस्तक का विमोचन किया
विधि और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने विधायी विभाग के राजभाषा खंड के 50 साल पूरे होने पर 'राजभाषा खंड की स्वर्णिम यात्रा' नामक पुस्तक जारी की।

विधि और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल ने 01 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 स्थित सम्मेलन कक्ष 24000/एच में आयोजित एक कार्यक्रम में विधायी विभाग के राजभाषा खंड की स्वर्ण जयंती मनाई। इस अवसर पर उन्होंने "राजभाषा खंड की स्वर्णिम यात्रा" नामक एक स्मारक पुस्तक का विमोचन किया।
यह स्मारक पुस्तक विधायी विभाग के आधिकारिक भाषा खंड की 50 वर्षों की यात्रा, उसकी उपलब्धियों और महत्वपूर्ण मील के पत्थरों का विवरण प्रस्तुत करती है। पुस्तक में विधायी क्षेत्र में राजभाषा के रूप में हिंदी के प्रचार-प्रसार और इसके प्रगतिशील उपयोग में खंड द्वारा दिए गए योगदान पर प्रकाश डाला गया है। साथ ही, यह विधायी कार्यों को नागरिक केंद्रित बनाने और विधायी प्रारूपण (legislative drafting) सहित संबंधित गतिविधियों की द्विभाषी विशेषताओं को मजबूत करने के लिए किए गए संस्थागत प्रयासों को भी दर्शाती है।
कार्यक्रम के दौरान श्री मेघवाल ने विधायी विभाग के सचिव श्री राजीव मणि और अन्य अधिकारियों को समर्पित सेवा के पांच दशक पूरे करने पर बधाई दी। उन्होंने समृद्ध भाषायी विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए राजभाषा खंड के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विधायी कार्य हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में पूरी सटीकता, स्पष्टता और निरंतरता के साथ संपन्न किए जाएं।
इस आयोजन में विधायी विभाग के राजभाषा खंड के सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल हुए, जिन्हें श्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा सम्मानित किया गया।


