व्यापार एवं निवेश विधि केंद्र (CTIL) की 9वीं वर्षगांठ: वाणिज्य सचिव ने वैश्विक व्यापार के लिए कानूनी चिंतन पर दिया जोर
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने CTIL की 9वीं वर्षगांठ के अवसर पर डिजिटल व्यापार और स्थिरता जैसे उभरते मुद्दों पर सख्त कानूनी चिंतन की आवश्यकता बताई।

नई दिल्ली के प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय में 7 अक्टूबर 2026 को व्यापार एवं निवेश विधि केंद्र (CTIL) की 9वीं वर्षगांठ का समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने अपने वीडियो संबोधन में कहा कि वर्तमान में स्थापित नियमों पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि डिजिटल व्यापार और स्थिरता से जुड़े व्यापारिक उपाय वैश्विक व्यापार एजेंडा को नया आकार दे रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान समय में सख्त कानूनी चिंतन पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है और CTIL एक अग्रणी संस्थान के रूप में इसमें महत्वपूर्ण योगदान देने की स्थिति में है।
वाणिज्य सचिव ने CTIL द्वारा सरकार, उद्योग जगत और व्यापार कानून समुदाय के बीच अर्जित विश्वास की सराहना की। उन्होंने मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) की वार्ता, विवाद निपटान और संस्थागत स्मृति निर्माण में CTIL द्वारा प्रदान किए गए कानूनी विश्लेषण और विशेष सहायता के योगदान का उल्लेख किया।
कार्यक्रम में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा ने कहा कि भारत को CTIL जैसी संस्थाओं की जरूरत है जो अंतरराष्ट्रीय आर्थिक कानून के घटनाक्रमों को न केवल फॉलो करें, बल्कि उन्हें आकार देने में भी सक्षम हों। उन्होंने निवेश संरक्षण और राज्यों के नियामक अधिकार के बीच संतुलन स्थापित करने वाले एक टिकाऊ अंतरराष्ट्रीय निवेश कानून ढांचे की आवश्यकता पर बल दिया।
भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (IIFT) के प्रमुख और WTO इंडिया चेयर, प्रोफेसर जेम्स जे. नेदुमपारा ने बताया कि CTIL की स्थापना भारत की व्यापार क्षमता को आर्थिक कूटनीति के हिस्से के रूप में मजबूत करने के लिए की गई थी। उन्होंने जानकारी दी कि केंद्र ने अब तक 4,000 से अधिक कानूनी राय प्रदान की हैं और लगभग 10 मुक्त व्यापार समझौतों की वार्ताओं के साथ-साथ WTO की वार्ताओं और विवाद निपटान में योगदान दिया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अपर सचिव श्री यशवीर सिंह ने G20 और ब्रिक्स जैसी प्रमुख पहलों और व्यापारिक समझौतों में CTIL की भूमिका को रेखांकित किया। वहीं, मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती कपिल चौधरी ने सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), महत्वपूर्ण खनिजों, आपूर्ति श्रृंखला और जलवायु जैसे उभरते क्षेत्रों में CTIL के बढ़ते अनुसंधान पर प्रकाश डाला और संस्थागत ज्ञान प्रबंधन की आवश्यकता बताई।
इस समारोह के दौरान CTIL की पत्रिका का नौवां वर्षगांठ अंक जारी किया गया, जिसका शीर्षक “उभरता सतत विकास परिदृश्य: बदलते रुझानों का सामना” है। इसके साथ ही, निवेश कानून और नीति पर आधारित मासिक समाचार पत्र 'इन्वेस्टमेंट लॉ कंपास' का एक विशेष वर्षगांठ संस्करण भी लॉन्च किया गया। कार्यक्रम का समापन CTIL के संकाय और कर्मचारियों को दीर्घ सेवा पुरस्कार प्रदान करने के साथ हुआ।


