सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने 'स्वच्छता से सभ्यता' जागरूकता सत्र का आयोजन किया
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने ब्रह्माकुमारीज़ के सहयोग से 'स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026' के तहत एक विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने नई दिल्ली स्थित मंत्रालय के 'मनन' सम्मेलन कक्ष में ब्रह्माकुमारीज़ के सहयोग से 'स्वच्छता से सभ्यता' नामक एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया। यह कार्यक्रम 'स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026' के अंतर्गत आयोजित किया गया, जो जन भागीदारी पर केंद्रित है और 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक पूरे देश में चलाया जा रहा है।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ की सिस्टर विद्यार्थी ने कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने आंतरिक मूल्यों और परिवेश की स्वच्छता के बीच के संबंध पर चर्चा की। सिस्टर विद्यार्थी ने 'जैसी अवस्था, वैसी व्यवस्था' के सिद्धांत के माध्यम से समझाया कि किसी व्यक्ति की मनःस्थिति ही उसके घर, कार्यस्थल और समाज की व्यवस्था को निर्धारित करती है।
उन्होंने 'सफाई ही ईश्वर-भक्ति है' की कहावत का उल्लेख करते हुए प्रतिभागियों को स्वच्छता को नागरिक जिम्मेदारी के साथ-साथ आत्म-सम्मान और आंतरिक पवित्रता की आदत के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि स्थायी शारीरिक स्वच्छता तभी संभव है जब विचारों, वाणी और आचरण में स्वच्छता हो। साथ ही उन्होंने प्रकृति के प्रति सम्मान, सामाजिक संवेदनशीलता और सरल जीवन जीने पर जोर दिया।
सत्र के दौरान सिस्टर विद्यार्थी ने पुनर्चक्रण (recycling) को एक व्यावहारिक आदत के रूप में रेखांकित किया, जो संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग और बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन में सहायक होता है। कार्यक्रम के समापन पर विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने कार्यस्थलों और समुदायों में पूरे वर्ष स्वच्छता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।


