स्पैम कॉल और मैसेज पर लगाम के लिए ट्राई ने कड़े किए नियम, AI और ML तकनीक का होगा उपयोग
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने अवांछित वाणिज्यिक संचार (UCC) को रोकने और उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी से बचाने के लिए नियामक ढांचे में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने अवांछित वाणिज्यिक संचार (यूसीसी) पर अंकुश लगाने, उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी से बचाने और दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए 'दूरसंचार वाणिज्यिक संचार ग्राहक वरीयता विनियम, 2018' (TCCPPR, 2018) में संशोधन किया है। प्राधिकरण ने 'दूरसंचार वाणिज्यिक संचार ग्राहक वरीयता (तीसरा संशोधन) विनियम, 2026' को लागू कर दिया है।
संशोधनों के तहत, नियामक प्रवर्तन को मजबूत करने के लिए AI/ML-आधारित प्रणालियों का लाभ उठाया जाएगा। दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (TSP) को अब उन प्रेषकों के कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन (CLI) की पहचान करनी होगी जिनके द्वारा UCC भेजे जाने की उच्च संभावना है और यह जानकारी अन्य प्रदाताओं के साथ साझा करनी होगी। यदि किसी प्रेषक से जुड़े पांच या अधिक CLI को दस दिनों के भीतर चिह्नित किया जाता है, तो केवाईसी का पुनः सत्यापन, भौतिक सत्यापन और बार-बार उल्लंघन की स्थिति में संसाधन डिस्कनेक्ट करने जैसी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, 140xx, 1600xx और 1601xx जैसी विशेष क्रमांकन श्रृंखलाओं को स्पैम के रूप में चिह्नित नहीं किया जाएगा ताकि वैध सरकारी और वाणिज्यिक संचार बाधित न हों।
एप्लीकेशन-टू-पर्सन (A2P) कॉल्स के विनियमन पर विशेष जोर दिया गया है। अब ऑटोडायल और रोबो-कॉल जैसी तकनीकों का उपयोग करने वाली संस्थाओं को अपने टीएसपी को पूर्व-घोषणा करनी होगी। बिना घोषणा के की गई A2P कॉल को UCC माना जाएगा। इसके अतिरिक्त, टर्मिनेटिंग एक्सेस प्रोवाइडर द्वारा ओरिजिनेटिंग एक्सेस प्रोवाइडर पर ₹0.05 प्रति मिनट तक का टर्मिनेशन शुल्क लगाया गया है।
उपभोक्ताओं के लिए अब एक अपील तंत्र शुरू किया गया है, जिसके तहत वे UCC शिकायतों के समाधान के विरुद्ध 15 दिनों के भीतर अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सकेंगे। यह अपील ट्राई डीएनडी ऐप, टीएसपी पोर्टल या 1909 के माध्यम से की जा सकती है। शिकायत-आधारित कार्रवाई को भी तेज किया गया है; अब यदि दस दिनों में 3 या अधिक यूनिक शिकायतें आती हैं और AI सिस्टम उसे संदिग्ध चिह्नित करता है, तो कार्रवाई शुरू की जाएगी।
अन्य प्रमुख बदलावों में हेडर और कंटेंट टेम्पलेट के दुरुपयोग पर छह घंटे के भीतर निलंबन की कार्रवाई, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के लिए पूछताछ-आधारित संचार की समयसीमा सात दिन निर्धारित करना और कॉल मैनेजमेंट एप्लीकेशन (CMA) द्वारा आधिकारिक नंबर श्रृंखलाओं को ब्लॉक करने पर प्रतिबंध शामिल है। वर्चुअल नेटवर्क ऑपरेटरों (VNO) के लिए डीएलटी प्लेटफॉर्म के साथ डिजिटल इंटरफेस प्रदान करने का प्रावधान भी किया गया है।


