असम: नशामुक्ति केंद्र की मदद से संदीप ने संवारी जिंदगी, अब उसी केंद्र में कर रहे हैं काम
असम के हैलाकांडी स्थित एकीकृत पुनर्वास केंद्र की सहायता से नशों की लत से मुक्त हुए संदीप अब आत्मनिर्भर बनकर उसी केंद्र में कार्यरत हैं।

असम के हैलाकांडी स्थित नशामुक्ति के लिए एकीकृत पुनर्वास केंद्र (IRCA) की मदद से एक व्यक्ति ने नशीले पदार्थों की लत को हराकर अपने जीवन की नई शुरुआत की है। संदीप (बदला हुआ नाम), जिनकी उम्र 33 वर्ष है, असम के एक परिवार में पले-बढ़े और नौवीं कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद काम की तलाश में गुवाहाटी चले गए थे। वहां उन्होंने वाहन चलाना सीखा और अपनी आजीविका शुरू की, लेकिन साथियों के प्रभाव में आकर वे नशीले पदार्थों के सेवन के आदी हो गए।
नशे की इस निर्भरता का गहरा असर संदीप के स्वास्थ्य, कामकाज और पारिवारिक रिश्तों पर पड़ा। उनकी आय का एक बड़ा हिस्सा नशे में खर्च होने लगा, जिससे वे गंभीर आर्थिक परेशानी और अकेलेपन का शिकार हो गए। संदीप स्वस्थ होकर अपने परिवार का विश्वास दोबारा हासिल करना चाहते थे और उनके परिवार ने भी उन्हें मदद लेने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया।
6 सितंबर 2025 को संदीप को हैलाकांडी में दक्षिण बरबोंड ग्राम उन्नयन समिति द्वारा संचालित एकीकृत पुनर्वास केंद्र (IRCA) के माध्यम से सहायता मिली। इस केंद्र ने उन्हें चिकित्सा देखभाल, मनोवैज्ञानिक और पारिवारिक परामर्श, पुनर्वास सहायता के साथ-साथ प्रेरक और व्यवहार संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया। समूह गतिविधियों और जीवन-कौशल मार्गदर्शन के जरिए उन्हें एक स्वस्थ दिनचर्या बनाने और तनाव से निपटने में मदद मिली।
अपनी खुशी साझा करते हुए संदीप ने कहा, "मेरे परिवार के सहयोग और आईआरसीए (IRCA) में मिली देखभाल से मैं अपनी जिंदगी फिर से संवार रहा हूं और दोबारा काम कर रहा हूं।"
उपचार के बाद संदीप के पुनर्वास में सकारात्मक प्रगति हुई है और वे अब अपने परिवार से फिर से जुड़ चुके हैं। वर्तमान में वे हैलाकांडी स्थित इसी एकीकृत पुनर्वास केंद्र (IRCA) में एक बहु-कार्यकारी कर्मचारी के रूप में काम कर रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक स्थिरता मिली है और वे उसी संस्थान में योगदान दे पा रहे हैं जिसने उनके जीवन को बदलने में मदद की।

