एक भारत श्रेष्ठ भारत: मध्य प्रदेश और कर्नाटक के युवाओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान यात्रा का आगाज़
शिक्षा मंत्रालय के 'युवा संगम' कार्यक्रम के तहत मध्य प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने कर्नाटक की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को समझने के लिए अपनी यात्रा शुरू की है।

शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' कार्यक्रम के अंतर्गत 'युवा संगम' के सातवें चरण का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करना और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है।
मध्य प्रदेश-कर्नाटक प्रतिनिधिमंडल को 26 सितंबर 2026 को रवाना किया गया, जिसके लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA), भोपाल नोडल संस्थान के रूप में कार्य कर रहा है। यह प्रतिनिधिमंडल कर्नाटक केंद्रीय विश्वविद्यालय के आतिथ्य में कर्नाटक की समृद्ध विरासत, परंपराओं, खान-पान और सांस्कृतिक विविधता का अनुभव कर रहा है।
यात्रा के दौरान 1 अक्टूबर 2026 को प्रतिनिधिमंडल ने कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत से मुलाकात की। इस संवाद के माध्यम से युवा प्रतिनिधियों ने कर्नाटक की सांस्कृतिक विरासत को जानने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की।
सांस्कृतिक और शैक्षणिक भ्रमण के हिस्से के रूप में प्रतिनिधियों ने बीदर किला और भारतीय प्रबंधन संस्थान, बेंगलुरु (IIM बेंगलुरु) का दौरा किया। इसके अलावा, 30 सितंबर 2026 को प्रतिनिधिमंडल ने पद्म-श्री से सम्मानित बिदरीवेयर कलाकार श्री रशीद अहमद कादरी से मुलाकात की, जिससे उन्हें इस पारंपरिक शिल्पकला और भारत के सांस्कृतिक संरक्षण के महत्व को समझने का अवसर मिला। प्रतिनिधिमंडल ने आध्यात्मिक अनुभव के लिए गुरुद्वारा श्री नानक झीरा साहिब का भी दौरा किया।
युवा संगम पहल अनुभवात्मक अधिगम और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के जरिए विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवाओं के बीच आपसी समझ विकसित करने पर केंद्रित है। यह कार्यक्रम पांच प्रमुख स्तंभों—पर्यटन, परंपरा, प्रगति, परस्पर संपर्क और प्रौद्योगिकी—पर आधारित है, जो प्रतिभागियों को विभिन्न क्षेत्रों के सामाजिक, शैक्षणिक और तकनीकी आयामों से अवगत कराते हैं।



