एम्स देवघर के दूसरे दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने युवाओं से की करुणा और सेवा की अपील
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने एम्स देवघर के दीक्षांत समारोह में स्नातक डॉक्टरों और स्वास्थ्य पेशेवरों को दक्षता, करुणा और चरित्र को अपना मार्गदर्शक बनाने का आग्रह किया।

उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने झारखंड के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), देवघर के दूसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने स्नातक होने वाले डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों को बधाई देते हुए इस समारोह को संथाल परगना क्षेत्र की आकांक्षाओं का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि एम्स देवघर जनजातीय और ग्रामीण समुदायों के लिए चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बढ़ते अवसरों का प्रतीक है।
भगवान बिरसा मुंडा, सीधो-कान्हू और तिलका मांझी की विरासत का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने स्नातकों से आग्रह किया कि वे अपने ज्ञान को संस्थान की सीमाओं से बाहर ले जाकर गांवों, आदिवासी समुदायों और देश के दूरदराज के क्षेत्रों में सेवा प्रदान करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि चिकित्सा की डिग्री केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि वंचितों और कमजोर वर्गों की करुणा एवं समर्पण के साथ सेवा करने का कर्तव्य है।
उपराष्ट्रपति ने क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में एम्स देवघर के योगदान की सराहना की, विशेष रूप से मलेरिया उन्मूलन, लसीका फाइलेरिया की निगरानी, एनीमिया, श्रवण स्वास्थ्य और विद्यालय स्वास्थ्य से संबंधित सामुदायिक पहलों की प्रशंसा की। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चिकित्सा अवसंरचना के विस्तार का उल्लेख करते हुए बताया कि देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या वर्ष 2014 से पहले के 387 से बढ़कर अब 846 हो गई है।
वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य, जिले और गांव में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं और उच्च शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि स्नातक होने वाले 173 विद्यार्थियों में से 132 छात्राएं थीं, जो महिला-नेतृत्व वाले विकास की दिशा में देश की प्रगति को दर्शाता है।
उपराष्ट्रपति ने युवा पेशेवरों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), टेलीमेडिसिन और डिजिटल निदान जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों को जिम्मेदारी से अपनाने का आह्वान किया ताकि इनका लाभ दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचे। साथ ही, उन्होंने युवा पीढ़ी के बीच "नशे को ना" का संदेश प्रसारित करने का आग्रह किया।
इस समारोह में झारखंड के राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव, झारखंड के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, लोकसभा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे, राज्यसभा सांसद श्री प्रदीप कुमार वर्मा, देवघर के विधायक श्री सुरेश पासवान, एम्स देवघर की अध्यक्ष प्रोफेसर एम. वी. पद्मा श्रीवास्तव और कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर नितिन एम. गंगाने सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।