केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने यूरोपीय संसद के प्रतिनिधिमंडल के साथ औद्योगिक सहयोग पर की चर्चा
केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने यूरोपीय संसद के आईटीआरई प्रतिनिधिमंडल के साथ स्वच्छ ऊर्जा, ईवी और औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बातचीत की।

केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री श्री एच.डी. कुमारस्वामी ने नई दिल्ली में यूरोपीय संसद की उद्योग, अनुसंधान और ऊर्जा समिति (ITRE) के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक विकास, स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन के क्षेत्र में भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच सहयोग को और अधिक मजबूत करना था।
यूरोपीय संसद के इस प्रतिनिधिमंडल में सदस्य श्री राफेल स्टेनकानेली, सुश्री एंजेलिका विनजिग, श्री मोहम्मद चाहिम, श्री राउल डे ला हॉज क्विंटानो, श्री निकोलस गोंजालेज कैसारेस, श्री मोर्टन लोकेगार्ड, श्री जूरी रटास और श्री विर्जिनिजस सिंकविशियस शामिल थे। इनके साथ आईटीआरई सचिवालय के डायरेक्टर श्री एटिएन बासोट, एडमिनिस्ट्रेटर श्री मारियस कावनिक और असिस्टेंट श्री ब्राहिम एबन आइसी भी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान श्री कुमारस्वामी ने उल्लेख किया कि यह यात्रा जनवरी 2026 में आयोजित 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के बाद हो रही है, जिसमें मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ताओं का समापन हुआ था और संयुक्त भारत-यूरोपीय संघ व्यापक रणनीतिक एजेंडा को अपनाया गया था। उन्होंने व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और ग्लोबल सप्लाई चेन्स में गहरे सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया।
केंद्रीय मंत्री ने भारी उद्योग मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं जैसे ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स के लिए पीएलआई (PLI) योजना, एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल्स के लिए पीएलआई योजना और पीएम ई-ड्राइव (PM E-DRIVE) की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इन पहलों का लक्ष्य घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना और ईवी इकोसिस्टम को मजबूत करना है। साथ ही, उन्होंने यूरोपीय उद्योगों को स्टेबिलिटी/स्टेशनरी स्टोरेज एनर्जी सिस्टम के लिए 10 GWh की एसीसी मैन्युफैक्चरिंग की ग्लोबल बिडिंग प्रक्रिया में शामिल होने का निमंत्रण दिया, जो 13 अक्टूबर 2026 तक खुली है।
औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन पर चर्चा करते हुए श्री कुमारस्वामी ने बीएचईएल की स्वदेशी गैसीफिकेशन तकनीक और सर्कुलर इकोनॉमी के माध्यम से स्टील क्षेत्र को ग्रीन बनाने के रोडमैप को रेखांकित किया। बैठक में भारी उद्योग और इस्पात मंत्रालय के सचिव श्री कामरान रिजवी और अपर सचिव श्री हनीफ़ कुरैशी भी मौजूद थे।
यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन की दिशा में भारत के प्रयासों की सराहना की और क्लीन टेक्नोलॉजी एवं सस्टेनेबल मोबिलिटी में सहयोग बढ़ाने में अपनी रुचि व्यक्त की। श्री कुमारस्वामी ने विश्वास जताया कि भारत और यूरोपीय संघ अपनी क्षमताओं को जोड़कर क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन और सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट को आगे बढ़ा सकते हैं।


