केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में 20 कलाकारों को किया सम्मानित
नई दिल्ली में आयोजित 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के दौरान केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री ने दृश्य कला में योगदान देने वाले 20 कलाकारों को पुरस्कृत किया।

ललित कला अकादमी द्वारा आयोजित 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी का आयोजन 29 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली में किया गया। इस कार्यक्रम में भारत सरकार के केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय दृश्य कला के क्षेत्र में रचनात्मक योगदान देने वाले 20 पुरस्कार विजेता कलाकारों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम के दौरान श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने रचनात्मकता और सतत विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर शुरू की गई 'सेवा ही संस्कृति' पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह रचनात्मकता और सेवा भावना के सार्थक मिलन को दर्शाती है। उन्होंने ललित कला अकादमी की 'बेकार से चमत्कार' पहल की भी सराहना की, जिसके माध्यम से बेकार सामग्रियों को कलात्मक अभिव्यक्ति दी जा रही है।
ललित कला अकादमी के सचिव श्री राजीव कुमार ने बताया कि प्रदर्शनी के इस 65वें संस्करण के लिए 6,000 से अधिक प्रविष्टियाँ प्राप्त हुई थीं, जिनमें से एक दो-स्तरीय निर्णायक मंडल द्वारा 270 कलाकारों का चयन किया गया। इस दौरान श्री राम गोपाल खाडिलकर द्वारा संपादित आधुनिक भारतीय चित्रकार अब्दुल अजीज रायबा पर आधारित एक मोनोग्राफ का भी विमोचन किया गया।
संस्कृति मंत्रालय के सचिव श्री विवेक अग्रवाल ने समकालीन भारतीय कला को पहचान दिलाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आम जनता और कला प्रेमियों को नई दिल्ली के रवींद्र भवन में आयोजित इस प्रदर्शनी को देखने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदर्शनी की अवधि को बढ़ाकर 31 अक्टूबर, 2026 तक कर दिया गया है।
इस गरिमामयी अवसर पर संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त सचिव (अकादमियां) श्री के.के. मिश्रा, ललित कला अकादमी के सचिव श्री राजीव कुमार और पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित श्री सुधाकर ओलवे, श्री सुदर्शन पटनायक एवं श्री अशोक कुमार विश्वास भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने ललित कला गैलरी में प्रदर्शित कलाकृतियों का अवलोकन किया।


