केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने 'इको वॉरियर' पुरस्कार 2026 में पर्यावरण रक्षकों को सम्मानित किया; संरक्षण को बताया राष्ट्रीय जिम्मेदारी
नई दिल्ली में आयोजित चौथे 'इको वॉरियर' पुरस्कार समारोह में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 15 वन अधिकारियों को सम्मानित किया।

केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने नई दिल्ली में चौथे ‘इको वॉरियर’ पुरस्कार समारोह और ‘इको वॉरियर’ सम्मेलन की अध्यक्षता की। इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय वन सेवा संघ (IFSA) और ‘इंडियन मास्टरमाइंड्स’ द्वारा किया गया, जिसमें वरिष्ठ वन अधिकारियों, संरक्षणवादियों, नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों और उद्योग जगत के दिग्गजों ने भाग लिया।
समारोह के दौरान, श्री भूपेंद्र यादव ने कर्नाटक कैडर के 1976 बैच के आईएफएस अधिकारी श्री बृज किशोर सिंह को वन्यजीव और वन संरक्षण में उनके दशकों लंबे योगदान के लिए ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ (आजीवन उपलब्धि पुरस्कार) से सम्मानित किया। श्री सिंह ने अपने करियर में चंदन की तस्करी रोकने और कुख्यात डाकू वीरप्पन के विरुद्ध अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के वन जल, जलवायु, मिट्टी और जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण पर्यावरणीय अवसंरचनाएं हैं। उन्होंने संरक्षण को केवल सरकार की नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताया। श्री यादव ने बीट गार्डों, रेंजर्स और अग्रिम पंक्ति के वन कर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ये कर्मी संरक्षण नीतियों को जमीन पर उतारने का वास्तविक कार्य करते हैं। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, दावानल और पर्यावास विखंडन जैसी उभरती चुनौतियों का जिक्र करते हुए एक ऐसे 'परिदृश्य दृष्टिकोण' (landscape approach) का आह्वान किया, जो वनों, वन्यजीवों, कृषि और मानवीय बसावटों को एक साथ जोड़ सके।
कार्यक्रम में विभिन्न श्रेणियों में कुल 15 वन अधिकारियों को सम्मानित किया गया। मुख्य पुरस्कारों का विवरण इस प्रकार है:
1. संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन: डॉ. प्रकाश चंद गोगिनेनी (सिमलीपाल बाघ अभ्यारण्य, ओडिशा) और श्री मनीष सिंह (पीलीभीत बाघ अभ्यारण्य, उत्तर प्रदेश)। 2. वन्यजीव सुरक्षा और संरक्षण: सुश्री सेल्वी एस. सेनबगाप्रिया (कोयंबटूर, तमिलनाडु) और डॉ. संजीव शर्मा (पालमपुर, हिमाचल प्रदेश)। 3. पर्यावरण संरक्षण: श्री धर्म सिंह मीणा (उत्तराखंड) और श्री सुमन शिवशंकर शिवाचार डब्ल्यू.एम. (नागालैंड)। 4. सामुदायिक जुड़ाव: श्री धवन कुमार रावत (अरुणाचल प्रदेश) और श्री गुरहर्ष सिंह (रामपुर, हिमाचल प्रदेश)। 5. प्रौद्योगिकी का सर्वोत्तम उपयोग: श्री एन. जयराज (होसुर, तमिलनाडु) और श्री रामसुंदर एम. (राजगीर ज़ू सफारी, बिहार)। 6. स्पेशल जूरी अवॉर्ड: सुश्री सविता दहिया (बाड़मेर, राजस्थान) और सुश्री के. कार्तिकेयनी (तंजावुर, तमिलनाडु)।
इसके अतिरिक्त, विशेष परियोजना पुरस्कार के तहत राजस्थान के 'प्रोजेक्ट एलिफ़ेंट' और 'ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण प्रोजेक्ट' को सम्मानित किया गया।
सम्मेलन के दौरान एआई और प्रौद्योगिकी, कॉर्पोरेट भूमिका और संवहनीय विकास जैसे विषयों पर तीन पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं। कार्यक्रम में महानिदेशक (वन) श्री सुशील कुमार अवस्थी, पूर्व एनएचआरसी महासचिव श्री भारत लाल, आईएफएसए अध्यक्ष सुश्री अनिता कर्ण और महासचिव सुश्री मोनालिसा दास सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे। आयोजन के अवसर पर सरकारी अधिकारियों द्वारा खींची गई प्रकृति की तस्वीरों की एक प्रदर्शनी भी लगाई गई।

