केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: SME ग्रोथ फंड के लिए 10,000 करोड़ रुपए मंजूर, लघु और मध्यम उद्योगों को मिलेगा इक्विटी निवेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लघु एवं मध्यम उद्यमों (SME) के लिए 'एसएमई ग्रोथ फंड' की स्थापना को मंजूरी दी है, जिसके तहत 10,000 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत के लघु एवं मध्यम उद्यमों (SME) के लिए 'एसएमई विकास कोष' (SME Growth Fund - SGF) की स्थापना हेतु 10,000 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। इस फंड का मुख्य उद्देश्य विनिर्माण, सेवा, प्रौद्योगिकी और नवाचार-संचालित क्षेत्रों में भारतीय उद्यमों को विकासोन्मुखी पूंजी उपलब्ध कराना है ताकि वे रणनीतिक मूल्य श्रृंखलाओं में अग्रणी बन सकें।
यह पहल केंद्रीय बजट 2026-27 की उन घोषणाओं का हिस्सा है, जिनका लक्ष्य एमएसएमई (MSME) इकोसिस्टम के लिए इक्विटी, नकद उपलब्धता और पेशेवर सहायता प्रदान करना है। सरकार के अनुसार, वर्तमान में उपलब्ध अधिकांश इक्विटी सहायता प्रारंभिक चरण के और सूक्ष्म उद्यमों पर केंद्रित है, जबकि लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए विकास पूंजी में संरचनात्मक कमी है। एसएमई ग्रोथ फंड इसी अंतर को पाटने के लिए बनाया गया है।
इस फंड की मुख्य विशेषताएं और उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
1. पूंजी आवंटन: सरकार औद्योगिक विकास कोष के ढांचे के तहत स्थापित एक वैकल्पिक निवेश कोष में कुल 10,000 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। 2. प्राथमिकता क्षेत्र: फंड की अधिकांश राशि लघु एवं मध्यम विनिर्माण केंद्रित उद्यमों को आवंटित की जाएगी। इसके साथ ही टियर-II और टियर-III शहरों के औद्योगिक समूहों में कार्यरत एसएमई पर भी विशेष विचार किया जाएगा। 3. विकास के अवसर: यह दीर्घकालिक पूंजी उद्यमों को अपनी परिचालन क्षमता बढ़ाने, उन्नत प्रौद्योगिकियों को अपनाने, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार करने और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के साथ एकीकृत होने में सक्षम बनाएगी।
सरकार का मानना है कि इस पहल से देश के औद्योगिक विकास में संतुलन आएगा, स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाएं मजबूत होंगी और उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कदम नवाचार-आधारित औद्योगीकरण को गति देने और 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में कार्य करेगा।

