केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने 'इंडिया केम 2026' के 14वें संस्करण का किया शुभारंभ, रसायन क्षेत्र को बनाने का लक्ष्य 1 ट्रिलियन डॉलर का उद्योग
मुंबई में 22 से 24 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले 'इंडिया केम' कार्यक्रम के माध्यम से भारत को रसायन और पेट्रोरसायन क्षेत्र का वैश्विक केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक तथा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने रसायन एवं पेट्रोरसायन उद्योग के द्विवार्षिक प्रमुख कार्यक्रम 'इंडिया केम 2026' के 14वें संस्करण का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का आयोजन 22 से 24 अक्टूबर, 2026 तक मुंबई में किया जाएगा।
नई दिल्ली में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने कहा कि सरकार भारत को आत्मनिर्भर बनाने और 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और उद्योग-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि रसायन एवं पेट्रोरसायन सेक्टर भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन बन सकता है।
मंत्री ने उल्लेख किया कि भारत को 2040 तक बैटरी रसायनों, विशिष्ट रसायनों और सेमीकंडक्टर रसायनों के लिए वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए क्रिटिकल मिनरल मिशन, रेयर अर्थ कॉरिडोर, भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन और एफडीआई सुधारों जैसे राष्ट्रीय उपक्रमों के बीच तालमेल होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इन पहलों से 2040 तक भारतीय रसायन क्षेत्र को 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के उद्योग के रूप में विकसित करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
'भव्य रसायन योजना' के संबंध में श्रीमती पटेल ने कहा कि यह केवल एक बुनियादी ढांचा कार्यक्रम नहीं है, बल्कि एक ऐसा वातावरण तैयार करने का प्रयास है जहाँ उद्योग जगत नवाचार और निवेश का विस्तार कर सके। उन्होंने जानकारी दी कि इस योजना के दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और उद्योग जगत से राज्य सरकारों के साथ मिलकर समय पर प्रस्ताव जमा करने का आग्रह किया गया है। साथ ही, विभाग ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग से रसायन और पेट्रोरसायन क्षेत्र को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया है ताकि इसे लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के बजट वाली नई अनुसंधान विकास नवाचार योजना (आरडीआई) के तहत शामिल किया जा सके।
रसायन और पेट्रोरसायन विभाग (डीसीपीसी) के सचिव श्री तेजवीर सिंह ने कहा कि रसायन क्षेत्र देश की आर्थिक वृद्धि का आधार है। उन्होंने बताया कि भव्य रसायन योजना के माध्यम से समर्पित केमिकल पार्क विकसित किए जाएंगे, जिनमें प्लग-एंड-प्ले और बेहतर बुनियादी ढांचे जैसी सुविधाएं होंगी ताकि उत्पादन लागत में कुशलता लाई जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग डीपीआईआईटी के साथ मिलकर आयात के विकल्प तैयार करने पर काम कर रहा है।
विभाग के संयुक्त सचिव श्री दीपांकर आरोन ने बताया कि इंडिया केम का उद्देश्य इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना और बी2बी साझेदारी को सुविधाजनक बनाना है। फिक्की नेशनल पेट्रोकेमिकल्स एंड प्लास्टिक कमेटी के अध्यक्ष श्री प्रभ दास और फिक्की केमिकल्स कमेटी के सह-अध्यक्ष श्री एस गणेश कुमार ने भी उत्पादन बढ़ाने और एफडीआई का लाभ उठाने की क्षमता पर जोर दिया।
इंडिया केम 2026 का आयोजन रसायन और पेट्रोरसायन विभाग द्वारा फिक्की (FICCI) के सहयोग से किया जा रहा है। 'श्रेष्ठ (एडवांटेज) भारतः एक उभरता हुआ वैश्विक केंद्र' विषय पर आधारित इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी और सम्मेलन होगा। इसमें कृषि रसायनों, पेट्रो रसायनों और विशिष्ट रसायनों जैसे विषयों पर सत्र होंगे, साथ ही भारत-अमेरिका, भारत-यूरोपीय संघ, भारत-रूस और भारत-जापान के बीच क्षेत्र-विशिष्ट मंच भी आयोजित किए जाएंगे।

