कोयला मंत्रालय ने 'विशेष अभियान 6' के अंतर्गत ई-कचरा प्रबंधन के लिए चलाया विशेष अभियान
कोयला मंत्रालय ने प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के दिशानिर्देशों के तहत ई-कचरा प्रबंधन पर केंद्रित एक अभियान चलाया, जिसमें 74 फील्ड कार्यालयों के 2152 कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।

कोयला मंत्रालय ने प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के दिशानिर्देशों के अनुसार, 6 अक्टूबर 2026 को सभी कोयला क्षेत्र (फील्ड) कार्यालयों में ई-कचरा प्रबंधन पर केंद्रित एक विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के अंतर्गत कुल 74 फील्ड कार्यालयों के 2152 कर्मचारियों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
इस अवसर पर कोयला मंत्रालय के सम्मेलन कक्ष में हाइब्रिड मोड में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता संयुक्त सचिव ने की। कार्यशाला में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सीपीसीबी की वैज्ञानिक-बी, सुश्री रिया सोनी ने ई-कचरा प्रबंधन के प्रमुख पहलुओं और इसे जिम्मेदारी से प्रबंधित करने के तरीकों पर एक प्रस्तुति दी।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कोयला मंत्रालय और इसके केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) के अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे को व्यवस्थित रूप से अलग करने और उनके उचित निपटान की आवश्यकता के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से शिरकत की, जबकि कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और उसकी सहायक कंपनियों, एनएलसी इंडिया लिमिटेड (एनएलसीआईएल), सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल), कोयला नियंत्रक संगठन (सीसीओ) और कोयला खान भविष्य निधि संगठन (सीएमपीएफओ) के अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।
अभियान के हिस्से के रूप में, दिल्ली स्थित कोयला नियंत्रक संगठन (सीसीओ) कार्यालय ने 'ई-कचरा प्रबंधन' विषय पर एक क्विज़ प्रतियोगिता आयोजित की। इसके अतिरिक्त, जमीनी स्तर पर ई-कचरे को व्यवस्थित रूप से इकट्ठा करने और उनके जिम्मेदार निपटान के लिए विभिन्न फील्ड कार्यालयों में ई-कचरा कलेक्शन वर्कस्टेशन (ई-कचरा कियोस्क) स्थापित किए गए हैं।



