कोयला मंत्रालय शुरू करेगा 'विशेष अभियान 6', ई-कचरा निपटान और कार्यस्थल आधुनिकीकरण पर रहेगा जोर
कोयला मंत्रालय 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान 6 चलाएगा, जिसका उद्देश्य ई-कचरा प्रबंधन, कबाड़ निपटान और कार्यालयीन डिजिटलीकरण को बढ़ावा देना है।

कोयला मंत्रालय 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक 'विशेष अभियान 6' का नेतृत्व करने जा रहा है। इस एक महीने तक चलने वाली पहल का मुख्य उद्देश्य मंत्रालय के सभी प्रशासनिक कार्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) में ई-कचरे का व्यवस्थित संग्रहण, पृथक्करण और वैज्ञानिक निपटान सुनिश्चित करना है।
मंत्रालय इस अभियान के माध्यम से 'कचरे से संपदा' के राष्ट्रीय विजन को साकार करने और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरा रहा है। इस पहल के तहत कार्यस्थल के आधुनिकीकरण, कार्यालयीन स्थान के इष्टतम उपयोग, डिजिटलीकरण की गति बढ़ाने और कबाड़ के निपटान को प्राथमिकता दी जाएगी। इन प्रयासों का लक्ष्य स्वच्छ, स्थायी और नागरिक-केंद्रित गवर्नेंस को बढ़ावा देना तथा संस्थागत तंत्र को सुदृढ़ करना है।
तैयारी चरण के हिस्से के रूप में, 23 सितंबर 2026 को डीडीजी श्रीमती चेतना शुक्ला, डीएस श्री रॉबिन गंगटे और अन्य अधिकारियों ने लोक नायक भवन स्थित रिकॉर्ड कक्ष की समीक्षा की। इस दौरान फाइलों के व्यवस्थित वर्गीकरण और पुराने या अनावश्यक अभिलेखों की पहचान की गई ताकि उन्हें समयबद्ध तरीके से हटाया जा सके और खाली स्थान का उत्पादक उपयोग किया जा सके।
इसी राष्ट्रव्यापी पहल के अंतर्गत, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) ने 22 सितंबर 2026 को नागपुर स्थित अपने मुख्यालय में ई-कचरा प्रबंधन पर एक नुक्कड़ नाटक आयोजित किया, जिसका उद्देश्य ई-कचरे के जिम्मेदारीपूर्वक संग्रहण, पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक निपटान के प्रति जागरूकता फैलाना था।
मंत्रालय अपने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSE), CCO और CMPFO के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान के लिए स्थलों की पहचान कर रहा है। इसके साथ ही लंबित संदर्भों, शिकायतों और अपीलों के निस्तारण तथा रिकॉर्ड प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने पर भी कार्य किया जा रहा है।
24 सितंबर 2026 तक की प्रगति के अनुसार, विशेष अभियान 6 के लिए निम्नलिखित लक्ष्यों की पहचान की गई है: - स्वच्छता के लिए चिह्नित स्थल: 1462 - खाली किए जाने वाले कुल क्षेत्र: 1.21 करोड़ वर्ग फुट - निपटान हेतु कबाड़ की मात्रा: 10,713 मीट्रिक टन - समीक्षा की जाने वाली भौतिक फाइलें: 10,189 - समीक्षा हेतु ई-फाइलें: 75,382
तैयारी चरण 30 सितंबर 2026 तक जारी रहेगा, जिससे इन आंकड़ों में और वृद्धि होने की संभावना है।



