गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं, शांति और अहिंसा के संदेश को बताया प्रासंगिक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया है।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर एक विशेष संदेश जारी किया है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रपति ने सभी देशवासियों की ओर से उन्हें सादर श्रद्धांजलि अर्पित की।
अपने संदेश में राष्ट्रपति ने उल्लेख किया कि विश्व समुदाय महात्मा गांधी के जीवन और उनके आदर्शों को बहुत सम्मान देता है। उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज विश्व के कई क्षेत्रों में अशांति और युद्ध का वातावरण है, जिसका प्रभाव सभी देशों पर पड़ रहा है। ऐसी परिस्थितियों में महात्मा गांधी द्वारा दिए गए शांति और अहिंसा के संदेश और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।
राष्ट्रपति मुर्मु ने भारत के भविष्य के लक्ष्यों का जिक्र करते हुए कहा कि देश वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने के राष्ट्रीय लक्ष्य की ओर अग्रसर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास की इस यात्रा में संवेदनशीलता और समावेश के मूल्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि समाज का कोई भी व्यक्ति विकास के लाभों से वंचित न रहे। उन्होंने इस दृष्टिकोण को महात्मा गांधी के 'सर्वोदय' के आदर्श के अनुरूप बताया, जिसमें सभी के कल्याण और उत्थान की भावना निहित है।
अंत में, राष्ट्रपति ने देशवासियों से आह्वान किया कि गांधी जयंती के शुभ अवसर पर सभी यह संकल्प लें कि वे अपने नैतिक आचरण और सक्रिय भागीदारी के माध्यम से एक आत्मनिर्भर, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में पूरी निष्ठा के साथ अपना योगदान देंगे।

