तकनीकी विकास समावेशी और सतत होना चाहिए: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसएमए (GSMA) के बोर्ड सदस्यों के साथ संवाद कर तकनीक को जन-जन तक पहुँचाने और साइबर धोखाधड़ी से निपटने के लिए तकनीकी समाधानों पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस के पूर्व सेवा तीर्थ में ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस एसोसिएशन (जीएसएमए) के बोर्ड सदस्यों के साथ बातचीत की। जीएसएमए एक वैश्विक संगठन है जो मोबाइल ऑपरेटरों, संपूर्ण मोबाइल इकोसिस्टम और संबद्ध उद्योगों का प्रतिनिधित्व करता है।
संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि टेक्नोलॉजी को समावेशी और सतत विकास का माध्यम बनना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि तकनीक की पहुँच समाज के हर वर्ग तक होनी चाहिए ताकि कोई भी पीछे न छूटे। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से 'ग्लोबल साउथ' के लिए डिजिटल सेवाओं और तकनीक को किफायती व सुलभ बनाने की आवश्यकता बताई, ताकि डिजिटल विभाजन को रोका जा सके।
प्रधानमंत्री ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) को विकासशील देशों के लिए एक क्रांतिकारी शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक नेताओं के साथ हुई चर्चाओं ने डीपीआई की प्रासंगिकता को सिद्ध किया है और यह प्लेटफॉर्म ग्लोबल साउथ की प्रगति का सशक्त माध्यम बन सकते हैं।
साइबर सुरक्षा पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने डिजिटल और साइबर धोखाधड़ी की चुनौतियों का उल्लेख किया और इनसे निपटने के लिए टेक्नोलॉजी-आधारित समाधानों की आवश्यकता जताई। उन्होंने उपयोगकर्ताओं को फर्जी कॉल के प्रति आगाह करने के लिए निरंतर जागरूकता संदेश चलाने का सुझाव दिया। इसके साथ ही, उन्होंने इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के लिए ग्लोबल स्टैंडर्ड और साझा नियमों की जरूरत पर बल दिया। डीपफेक और एआई-जनरेटेड कंटेंट के खतरों पर चिंता जताते हुए उन्होंने ऐसे तरीके विकसित करने का सुझाव दिया जिससे उपयोगकर्ता तुरंत स्रोत की पहचान कर सकें।
जीएसएमए बोर्ड के सदस्यों ने डिजिटल और मोबाइल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भारत की अग्रणी भूमिका की सराहना की। उन्होंने भारत में 4जी और 5जी के तेजी से विस्तार, डीपीआई के व्यापक पैमाने और टेलीकॉम व मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की वृद्धि को रेखांकित किया। बोर्ड सदस्यों ने भारत के निवेश-अनुकूल पॉलिसी फ्रेमवर्क की प्रशंसा की और 5जी, 6जी, एआई, साइबर सुरक्षा, डिजिटल समावेशन और सैटेलाइट कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग के अवसरों पर प्रकाश डाला।
इस बैठक में केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, संचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर, जीएसएमए बोर्ड के सदस्य और भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



